इटली के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में रांची के युवा चिकित्सक डॉ. सृजन सिन्हा ने प्रस्तुत किया शोध पत्र, झारखंड के लिए गर्व का क्षण

Dr. Srijan Sinha
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दीपक कुमार थाना प्रभारी रामगढ़ घाटों
द हॉप मल्टीस्पेशलिस्ट हॉस्पिटल रांची रोड मरार रामगढ़
बिहार फाऊंडरी एंड कास्टिंग लिमिटेड इंडस्ट्रीज एरिया मरार रामगढ़
मां तारा सेवा समिति
मां सेवा यतन हॉस्पिटल
रजरप्पा थाना प्रभारी श्री कृष्ण कुमार
रमेश रविदास
रमेश सिंह
राधा गोविंद यूनिवर्सिटी लाल की घाटी रामगढ़
रोटरी रामगढ़ सिटी के पूर्व अध्यक्ष श्री आदर्श चौधरी
रोटेरियन हरीश चौधरी
होटल सम्राट गोला रोड
होटल तेजस
होटल ट्रीट थाना चौक रामगढ़

रांची: झारखंड के लिए गर्व की बात है कि रांची के युवा चिकित्सक डॉ. सृजन सिन्हा ने इटली के ऐतिहासिक शहर बोलोनिया (Bologna) में आयोजित प्रतिष्ठित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन पीडियाट्रिक रेस्पिरेटरी डिजीज में अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। यह उपलब्धि न केवल उनकी शैक्षणिक उत्कृष्टता और अनुसंधान क्षमता को दर्शाती है, बल्कि राज्य के चिकित्सा जगत के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

सम्मेलन में विश्वभर के अग्रणी बाल श्वसन रोग विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया। विभिन्न देशों से प्राप्त अनेक शोध पत्रों के बीच डॉ. सृजन सिन्हा के शोध पत्र का चयन होना उनकी मेहनत, समर्पण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का प्रमाण है।

ccl.psd
Cambrian public school
RKDF University
Sarla Birla school
Vedanta iron steel
आशुतोष सिंह कुज्जू थाना प्रभारी
झारखंड हॉस्पिटल
डीड राइटर रामगढ़
डॉ इरफान अंसारी
थेरेपी वर्ल्ड स्पा
बागड़िया ब्रदर श्याम कंपलेक्स
प्रो केयर डेंटल क्लिनिक
पॉली डॉग हॉस्पिटल रांची
न्यू रामगढ़ टेंट हाउस
निवेदक श्री सदानंद कुमार
निवेदक नवीन प्रकाश पांडे थाना प्रभारी रामगढ़ थाना

अंतरराष्ट्रीय मंच पर झारखंड की प्रतिभा का प्रदर्शन
वर्तमान में डॉ. सृजन सिन्हा All India Institute of Medical Sciences Rishikesh से डीएम (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर एवं पीडियाट्रिक पल्मोनोलॉजी) की सुपर स्पेशियलिटी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। बाल चिकित्सा और श्वसन रोगों के क्षेत्र में उनका शोध कार्य लगातार सराहना प्राप्त कर रहा है।

सेंट्रल हार्डवेयर
सतीश गुप्ता
श्री शंकर मिश्रा
श्री पंकज कुशवाहा
श्री कृष्ण विद्या मंदिर
श्री आजाद सिंह

युवा चिकित्सकों के लिए प्रेरणास्रोत
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि किसी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शोध पत्र का चयन और प्रस्तुतीकरण किसी भी चिकित्सक के लिए बड़ी उपलब्धि होती है। इससे न केवल वैश्विक स्तर पर ज्ञान का आदान-प्रदान होता है, बल्कि नई चिकित्सा पद्धतियों और अनुसंधानों को भी प्रोत्साहन मिलता है। डॉ. सृजन सिन्हा की यह उपलब्धि झारखंड के युवा चिकित्सकों, मेडिकल छात्रों और शोधार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। यह संदेश देती है कि समर्पण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और निरंतर अनुसंधान के माध्यम से वैश्विक मंच पर भी अपनी पहचान स्थापित की जा सकती है।

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झारखंड के लिए गौरव का विषय
डॉ. सृजन सिन्हा की यह सफलता पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय है। चिकित्सा जगत से जुड़े विशेषज्ञों और समाज के विभिन्न वर्गों ने उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है और भविष्य में भी उनके उत्कृष्ट शोध कार्यों की कामना की है।

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