इटली के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में रांची के युवा चिकित्सक डॉ. सृजन सिन्हा ने प्रस्तुत किया शोध पत्र, झारखंड के लिए गर्व का क्षण

Dr. Srijan Sinha

रांची: झारखंड के लिए गर्व की बात है कि रांची के युवा चिकित्सक डॉ. सृजन सिन्हा ने इटली के ऐतिहासिक शहर बोलोनिया (Bologna) में आयोजित प्रतिष्ठित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन पीडियाट्रिक रेस्पिरेटरी डिजीज में अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। यह उपलब्धि न केवल उनकी शैक्षणिक उत्कृष्टता और अनुसंधान क्षमता को दर्शाती है, बल्कि राज्य के चिकित्सा जगत के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

सम्मेलन में विश्वभर के अग्रणी बाल श्वसन रोग विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया। विभिन्न देशों से प्राप्त अनेक शोध पत्रों के बीच डॉ. सृजन सिन्हा के शोध पत्र का चयन होना उनकी मेहनत, समर्पण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का प्रमाण है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर झारखंड की प्रतिभा का प्रदर्शन
वर्तमान में डॉ. सृजन सिन्हा All India Institute of Medical Sciences Rishikesh से डीएम (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर एवं पीडियाट्रिक पल्मोनोलॉजी) की सुपर स्पेशियलिटी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। बाल चिकित्सा और श्वसन रोगों के क्षेत्र में उनका शोध कार्य लगातार सराहना प्राप्त कर रहा है।

Adiwasi Mahotsav

युवा चिकित्सकों के लिए प्रेरणास्रोत
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि किसी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शोध पत्र का चयन और प्रस्तुतीकरण किसी भी चिकित्सक के लिए बड़ी उपलब्धि होती है। इससे न केवल वैश्विक स्तर पर ज्ञान का आदान-प्रदान होता है, बल्कि नई चिकित्सा पद्धतियों और अनुसंधानों को भी प्रोत्साहन मिलता है। डॉ. सृजन सिन्हा की यह उपलब्धि झारखंड के युवा चिकित्सकों, मेडिकल छात्रों और शोधार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। यह संदेश देती है कि समर्पण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और निरंतर अनुसंधान के माध्यम से वैश्विक मंच पर भी अपनी पहचान स्थापित की जा सकती है।

happy Teacher Day
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झारखंड के लिए गौरव का विषय
डॉ. सृजन सिन्हा की यह सफलता पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय है। चिकित्सा जगत से जुड़े विशेषज्ञों और समाज के विभिन्न वर्गों ने उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है और भविष्य में भी उनके उत्कृष्ट शोध कार्यों की कामना की है।

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