रांची में ऑनलाइन रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर अवैध जमाबंदी का खुलासा, साइबर थाना में FIR; झारभूमि पोर्टल भी जांच के घेरे में
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में सरकारी भूमि रिकॉर्ड से कथित छेड़छाड़ कर अवैध जमाबंदी कायम करने का मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कांके अंचल अधिकारी ने साइबर थाना में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। शिकायत में ऑनलाइन भूमि अभिलेखों में हेरफेर कर सरकारी रिकॉर्ड बदलने और फर्जी तरीके से जमीन की जमाबंदी किए जाने का आरोप लगाया गया है।
प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच की मांग की है और झारभूमि पोर्टल से जुड़े सभी संबंधित पहलुओं की जांच कराने का अनुरोध किया है।
कांके अंचल की दो मौजाओं से जुड़ा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला कांके अंचल के मौजा सुकुरहूटू (थाना संख्या-154) और मौजा गारू (थाना संख्या-153) की भूमि से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, इन मौजाओं की जमीन से संबंधित ऑनलाइन पंजी-2 (Register-II) में कथित रूप से अनधिकृत तरीके से बदलाव कर अवैध जमाबंदी कायम कर दी गई।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर म्यूटेशन का आरोप
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि मौजा गारू में जमीन का नामांतरण (Mutation) कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किया गया। शिकायत के मुताबिक, नामांतरण वाद संख्या 10651/2025-26 और 10652/2025-26 के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी की गई। अब इन मामलों की सत्यता की जांच की जाएगी।
कई लोगों की भूमिका जांच के दायरे में
कांके अंचल कार्यालय की प्रारंभिक जांच में—
- संबंधित रैयत
- उत्तराधिकारी
- झारभूमि पोर्टल से जुड़े सॉफ्टवेयर डेवलपर
- अन्य संबंधित कर्मियों की भूमिका संदिग्ध मानी गई है।
शिकायत में आशंका जताई गई है कि ऑनलाइन रिकॉर्ड में हेरफेर कर अवैध जमाबंदी कायम करने में कई लोगों की मिलीभगत हो सकती है।
साइबर थाना से व्यापक जांच की मांग
अंचल अधिकारी ने अपने आवेदन में साइबर थाना से अनुरोध किया है कि मामले की तकनीकी और कानूनी दोनों स्तरों पर जांच की जाए। साथ ही, झारभूमि पोर्टल की शुरुआत से अब तक उससे जुड़े सभी संबंधित कर्मियों की भूमिका की भी जांच करने और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करने की मांग की गई है।
जमीन रिकॉर्ड की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद राज्य में ऑनलाइन भूमि अभिलेखों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। यदि जांच में रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की पुष्टि होती है, तो यह मामला सरकारी डिजिटल रिकॉर्ड की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय माना जाएगा। हालांकि, फिलहाल मामला जांच के अधीन है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
रांची के कांके अंचल में ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड में कथित हेरफेर कर अवैध जमाबंदी का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने साइबर थाना में FIR दर्ज कराई है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि रिकॉर्ड में बदलाव कैसे हुआ और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि होगी और दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।






