रिम्स की 100 करोड़ से अधिक की सरकारी जमीन घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई, ACB ने बिल्डर शुभम साबू को हिरासत में लिया

RIMS Land Scam

रांची: झारखंड की राजधानी रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) की बहुचर्चित सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जे के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रविवार सुबह बड़ी कार्रवाई की। सूत्रों के अनुसार, एसीबी की टीम ने लकी कंस्ट्रक्शन के संचालक और बिल्डर शुभम साबू को रांची के नेशनल गली स्थित उनके आवास से हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए मुख्यालय पहुंचाया।

हालांकि, एसीबी ने आधिकारिक रूप से उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। एजेंसी की ओर से फिलहाल इसे पूछताछ के लिए हिरासत में लेने की कार्रवाई बताया गया है।

9.65 एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला रिम्स की बेहद कीमती सरकारी जमीन से जुड़ा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मोरहाबादी मौजा की 8 एकड़ और कोकर मौजा की 1.65 एकड़, यानी कुल 9.65 एकड़ सरकारी भूमि पर कथित रूप से एक संगठित भू-माफिया सिंडिकेट ने अवैध कब्जा कर लिया था। राजधानी रांची के इस प्रमुख इलाके में स्थित इस जमीन की मौजूदा बाजार कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों और कथित जालसाजी के माध्यम से इस सरकारी जमीन पर कब्जा करने की साजिश रची गई।

सरकारी जमीन पर अपार्टमेंट निर्माण का आरोप
एसीबी की जांच में यह भी सामने आया है कि हिरासत में लिए गए बिल्डर ने कथित तौर पर इस सरकारी जमीन पर एक बहुमंजिला अपार्टमेंट का निर्माण कराया। जांच एजेंसी के अनुसार, इस निर्माण कार्य में करीब 14 करोड़ रुपये का निवेश किया गया था। जांचकर्ता अब यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि इस कथित अवैध निर्माण से किसे कितना आर्थिक लाभ हुआ और इस पूरे प्रकरण में किन-किन लोगों की भूमिका रही।

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अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
एसीबी केवल बिल्डर की भूमिका तक सीमित नहीं है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि सरकारी जमीन पर कथित कब्जे और निर्माण के दौरान कहीं किसी सरकारी अधिकारी या अन्य प्रभावशाली व्यक्ति की मिलीभगत तो नहीं थी। जांच में जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज, पावर ऑफ अटॉर्नी, रजिस्ट्री, निर्माण स्वीकृति और अन्य रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।

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प्रमोद महतो अब भी फरार
इस कथित जमीन घोटाले में प्रमोद महतो का नाम भी सामने आया है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि विवादित जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी उनके नाम पर ली गई थी। एसीबी उनके खिलाफ अदालत से गिरफ्तारी वारंट भी प्राप्त कर चुकी है। इसके बावजूद वह फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए एसीबी की विशेष अदालत में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की याचिका भी दाखिल की है, जिस पर सुनवाई होनी है।

पूछताछ जारी, आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल एसीबी मुख्यालय में शुभम साबू से पूछताछ जारी है। एजेंसी की ओर से अब तक विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ध्यान रहे कि हिरासत में लेकर पूछताछ किया जाना किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

रिम्स की कथित 100 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की सरकारी जमीन से जुड़े मामले में एसीबी की यह कार्रवाई जांच का महत्वपूर्ण चरण मानी जा रही है। बिल्डर शुभम साबू से पूछताछ और फरार आरोपी प्रमोद महतो की तलाश के बीच अब एजेंसी की नजर इस पूरे नेटवर्क और कथित मिलीभगत पर है। आने वाले दिनों में जांच में नए खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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