शराब घोटाला जांच में ED का दूसरा समन, 6 जुलाई को पूछताछ के लिए बुलाए गए रामेश्वर उरांव और बेटे रोहित
रांची: झारखंड के कथित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच तेज कर दी है। एजेंसी ने राज्य के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक रामेश्वर उरांव तथा उनके बेटे रोहित उरांव को दूसरी बार समन जारी करते हुए 6 जुलाई को रांची स्थित अपने जोनल कार्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
पहली बार समय मांगने के बाद जारी हुआ दूसरा समन
इससे पहले भी ED ने दोनों को पूछताछ के लिए तलब किया था, लेकिन निर्धारित तिथि पर वे एजेंसी के समक्ष उपस्थित नहीं हो सके थे। पिता-पुत्र ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए लगभग तीन सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा था। इसके बाद ED ने नया समन जारी कर 6 जुलाई को पेश होने के लिए कहा है। माना जा रहा है कि इस बार एजेंसी दोनों से मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से पूछताछ करेगी।
शराब टेंडर और वित्तीय लेन-देन की हो रही जांच
ED की जांच कथित शराब टेंडर से जुड़े वित्तीय लेन-देन पर केंद्रित है। जांच एजेंसी का दावा है कि उसे ऐसे दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनसे रोहित उरांव और झारखंड के चर्चित पावर ब्रोकर प्रेम प्रकाश के बीच कथित रूप से बड़े पैमाने पर धन के लेन-देन के संकेत मिले हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इन कथित वित्तीय लेन-देन का एक बड़ा हिस्सा बैंकिंग माध्यम से किया गया था। इन्हीं तथ्यों के आधार पर एजेंसी आगे की जांच को आगे बढ़ा रही है।
छापेमारी के बाद मिले थे अहम दस्तावेज
शराब घोटाले की जांच के दौरान ED ने पहले रोहित उरांव से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की थी। तलाशी अभियान के दौरान एजेंसी ने कई दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल डाटा जब्त किए थे। इन दस्तावेजों की जांच के दौरान कथित वित्तीय लेन-देन से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आने का दावा किया गया है। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अब एजेंसी दोनों से पूछताछ करने जा रही है।
कई अहम सवालों के जवाब तलाशेगी ED
सूत्रों के अनुसार, 6 जुलाई को होने वाली पूछताछ में ED शराब टेंडर प्रक्रिया, कथित वित्तीय लेन-देन, बैंक ट्रांजैक्शन और जांच में मिले दस्तावेजों को लेकर रामेश्वर उरांव और रोहित उरांव से कई सवाल पूछ सकती है। पूछताछ के दौरान एजेंसी दोनों का पक्ष दर्ज करेगी और उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
6 जुलाई की पूछताछ पर टिकी निगाहें
अब इस मामले में सभी की नजरें 6 जुलाई को होने वाली पूछताछ पर हैं। यदि दोनों ED के समक्ष उपस्थित होते हैं, तो शराब घोटाले की जांच में कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय मामले की गहन जांच में जुटा हुआ है और पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।





