पुष्पा महतो हत्याकांड में बड़ा खुलासा! आरोपी का वीडियो कबूलनामा बना सबसे बड़ा सबूत, पूर्व थाना प्रभारी पर भी गिरेगी गाज

Pushpa Mahato Murder Case

बोकारो: जिले के बहुचर्चित पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र की मेधावी छात्रा पुष्पा महतो हत्याकांड में बड़ा और अहम मोड़ सामने आया है। पुलिस हिरासत में मुख्य आरोपी दिनेश कुमार महतो का वीडियोग्राफी के माध्यम से दर्ज किया गया इकबालिया बयान अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य बन गया है। इस वीडियो बयान के आधार पर न केवल हत्या के आरोपी के खिलाफ अभियोजन को मजबूती मिलेगी, बल्कि मामले की शुरुआती जांच में कथित लापरवाही और अनियमितता को लेकर तत्कालीन थाना प्रभारी और मुंशी की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।

वीडियो बयान के बाद जांच को मिली नई दिशा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी दिनेश कुमार महतो ने पूछताछ के दौरान हत्या की पूरी घटना स्वीकार की है। उसका बयान वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ दर्ज किया गया है, जिसे जांच एजेंसियां महत्वपूर्ण साक्ष्य मान रही हैं। इसी आधार पर अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई है।

26 पुलिसकर्मियों को मिली राहत
इस मामले में पहले पिंड्राजोरा थाना के 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था। बाद में बोकारो के तत्कालीन सिटी डीएसपी आलोक रंजन की जांच रिपोर्ट में 26 पुलिसकर्मियों को निर्दोष पाया गया। जांच में यह निष्कर्ष सामने आया कि कथित अनियमितताओं में उनकी प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी। इसके बाद उनका निलंबन समाप्त कर दिया गया। हालांकि, जांच में तत्कालीन थाना प्रभारी अभिषेक रंजन और तत्कालीन मुंशी की भूमिका पर गंभीर सवाल उठे हैं। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

रिश्वत लेकर जांच प्रभावित करने का आरोप
जांच के दौरान आरोपी दिनेश महतो से हुई पूछताछ में यह आरोप भी सामने आया कि तत्कालीन थाना प्रभारी ने कथित तौर पर आरोपी से नकद राशि और अन्य लाभ लेकर जांच को प्रभावित किया। इन आरोपों की स्वतंत्र जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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जुलाई 2025 में लापता हुई थी पुष्पा
पुष्पा महतो 21 जुलाई 2025 को चास कॉलेज में फॉर्म जमा करने के लिए घर से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। परिजनों का आरोप है कि शुरुआती दौर में पुलिस ने शिकायत दर्ज करने में गंभीरता नहीं दिखाई। बाद में उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला दर्ज किया गया, लेकिन जांच की रफ्तार धीमी रही।

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हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बनी SIT
मामले की जांच में प्रगति नहीं होने पर पीड़ित परिवार ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान अदालत ने जांच की गति और पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। इसके बाद डीजीपी के निर्देश पर डीआईजी संध्या रानी मेहता के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। SIT ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और आरोपी दिनेश कुमार महतो को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

प्रेम संबंध और शादी के दबाव में हत्या का आरोप
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह और पुष्पा पिछले करीब तीन वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थे। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी ने दावा किया कि शादी के दबाव से बचने के लिए उसने कथित रूप से हत्या की योजना बनाई। पुलिस का कहना है कि 21 जुलाई 2025 को आरोपी पुष्पा को चास कॉलेज के पास से जंगल की ओर ले गया, जहां उसकी हत्या कर शव को झाड़ियों में छिपा दिया। बाद में आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने कंकाल और कथित हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया।

जांच के अगले चरण पर टिकी निगाहें
अब आरोपी के वीडियो इकबालिया बयान, बरामद साक्ष्यों और पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तेज हो गई है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि लंबे इंतजार के बाद उन्हें न्याय मिलेगा।

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