रांची में अब AI कैमरों से होगी ट्रैफिक निगरानी, नियम तोड़ते ही कटेगा ई-चालान
ANPR तकनीक से लैस होगा राजधानी का ट्रैफिक सिस्टम, बिना पुलिसकर्मी की मौजूदगी के होगी कार्रवाई
रांची: Ranchi में ट्रैफिक व्यवस्था को हाईटेक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब बड़े महानगरों की तर्ज पर राजधानी में भी AI आधारित ई-डिटेक्शन सिस्टम लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस तकनीक के जरिए ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की पहचान कर तुरंत ई-चालान जारी किया जाएगा।
परिवहन विभाग को भेजा गया प्रस्ताव
रांची ट्रैफिक पुलिस ने इस आधुनिक सिस्टम को लागू करने के लिए परिवहन विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है। विभाग ने भी इस योजना पर काम शुरू कर दिया है। इस सिस्टम के लागू होने के बाद बिना पुलिसकर्मी की मौजूदगी के भी ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जा सकेगी।
225 करोड़ के चालान, लेकिन वसूली कम
दरअसल, राजधानी में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन लगातार बढ़ रहा है। पिछले पांच वर्षों में रांची में करीब 225 करोड़ रुपये के चालान जारी किए गए, लेकिन इनमें से केवल 30 से 40 करोड़ रुपये की ही वसूली हो सकी है। अब भी लगभग 190 करोड़ रुपये का चालान बकाया है। इसी समस्या से निपटने के लिए ई-डिटेक्शन सिस्टम लागू करने की योजना बनाई गई है।
कैसे काम करेगा नया सिस्टम?
यह आधुनिक डिजिटल निगरानी प्रणाली परिवहन विभाग और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा विकसित की गई है। देश के कई बड़े शहरों में इसका सफल उपयोग हो रहा है। इस तकनीक में ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन यानी ANPR कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। जैसे ही कोई वाहन सड़क से गुजरेगा, कैमरा उसकी नंबर प्लेट स्कैन कर लेगा। इसके बाद सिस्टम वाहन से जुड़ी पूरी जानकारी स्क्रीन पर दिखा देगा।
इसमें शामिल होगी:
- वाहन मालिक की जानकारी
- बीमा की स्थिति
- फिटनेस सर्टिफिकेट
- पेंडिंग चालान
- अन्य जरूरी दस्तावेजों की जानकारी
LED स्क्रीन पर दिखेंगे पेंडिंग चालान
Rakesh Singh ने बताया कि कई शहरों में स्टार्टअप कंपनियों के सहयोग से LED स्क्रीन पर पेंडिंग चालान की जानकारी भी दिखाई जाती है।इसी मॉडल को रांची में लागू करने की तैयारी चल रही है, ताकि लोग अपने बकाया चालान की जानकारी तुरंत देख सकें और वसूली प्रक्रिया आसान हो सके।
ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर बढ़ेगी सख्ती
राजधानी में फिलहाल जिन मामलों में सबसे ज्यादा चालान काटे जा रहे हैं, उनमें शामिल हैं:
- बिना हेलमेट वाहन चलाना
- ओवरस्पीडिंग
- ट्रिपल राइडिंग
- ड्रंक एंड ड्राइव
- सीट बेल्ट नहीं लगाना
- रेड लाइट जंप
- नो पार्किंग उल्लंघन
अब AI आधारित ई-डिटेक्शन सिस्टम लागू होने के बाद इन मामलों में और सख्ती बढ़ने की संभावना है।
स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम की ओर बढ़ता रांची
प्रशासन का मानना है कि नई तकनीक के जरिए ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकेगा। इससे सड़क सुरक्षा बेहतर होगी और नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई संभव हो पाएगी।






