सरला बिरला पब्लिक स्कूल में भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और बलिदान को समर्पित प्रेरणादायी आयोजन
रांची: सरला बिरला पब्लिक स्कूल, रांची में झारखंड के महान जननायक, आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी एवं सामाजिक चेतना के प्रतीक भगवान बिरसा मुंडा के प्रेरणादायी जीवन, संघर्ष और बलिदान को समर्पित एक गरिमामय एवं विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों, जीवन मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान से परिचित कराना था।
नृत्य-नाटिका बनी कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण एक प्रभावशाली नृत्य-नाटिका रही, जिसमें भगवान बिरसा मुंडा के जीवन के विभिन्न पहलुओं का भावपूर्ण मंचन किया गया। प्रस्तुति में एक साधारण बालक से लेकर शोषण, अन्याय और दमन के विरुद्ध संघर्ष करने वाले निर्भीक क्रांतिकारी के रूप में उनके व्यक्तित्व को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों ने उनके समाज के अधिकार, सम्मान और न्याय के लिए किए गए संघर्षों को प्रभावशाली तरीके से मंचित कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति, साहस और संकल्प के बल पर इतिहास की दिशा बदली जा सकती है।

प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता से बढ़ी ऐतिहासिक समझ
विद्यार्थियों के लिए भगवान बिरसा मुंडा के जीवन और झारखंड के इतिहास पर आधारित एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए बिरसा मुंडा के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों और ऐतिहासिक घटनाओं की जानकारी साझा की। इस पहल ने विद्यार्थियों में झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत के प्रति जागरूकता और समझ को और अधिक सशक्त किया।
विद्यार्थियों को वितरित की गईं प्रेरक पुस्तकें
कार्यक्रम के दौरान भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, विचारों और विरासत पर आधारित पुस्तकों का वितरण भी किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में अध्ययन की रुचि विकसित करना तथा उन्हें साहस, आत्मसम्मान, सामाजिक न्याय, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रभक्ति जैसे मूल्यों से प्रेरित करना था। विद्यालय प्रशासन ने कहा कि अपने महान नायकों के जीवन से प्रेरणा लेकर नई पीढ़ी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

प्राचार्या ने बताया विरासत से जुड़ने का महत्व
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मनीषा शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की विरासत आज भी साहस, न्याय, सामाजिक समर्पण और आत्मसम्मान का अमर संदेश देती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराना उन्हें जिम्मेदार, जागरूक और संवेदनशील नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अपनी जड़ों से जुड़े विद्यार्थी भविष्य में एक समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सार्थक योगदान देंगे।




