सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली महिला को भी मिलेगा पत्नी जैसा कानूनी संरक्षण
IPC की धारा 498A (अब BNS की संबंधित धाराएं) का लाभ केवल वैध विवाह तक सीमित नहीं हर लिव-इन संबंध स्वतः वैध विवाह नहीं माना जाएगा। प्रत्येक मामले का फैसला उसके तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगा। नई दिल्ली: महिलाओं के अधिकारों और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण…
