गैस संकट टला! भारत आ रहा 46,000 टन LPG टैंकर
होर्मुज संकट के बीच सुरक्षित निकला टैंकर, रसोई गैस की किल्लत का खतरा टला
मुनादी लाइव : पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। ‘ग्रीन साल्वी’ नाम का एलपीजी टैंकर 46,000 मीट्रिक टन गैस लेकर भारत की ओर बढ़ रहा है, जिससे देश में रसोई गैस की सप्लाई को लेकर बनी चिंता काफी हद तक खत्म हो गई है। यह टैंकर दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर चुका है, जो मौजूदा हालात में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
भारत की कूटनीति का असर
सूत्रों के अनुसार, यह टैंकर अकेला नहीं बल्कि तीन भारतीय जहाजों के काफिले का हिस्सा है। ईरान और भारत के बीच हुई उच्च स्तरीय बातचीत के बाद इन जहाजों को “मित्र राष्ट्र” के तौर पर सुरक्षित मार्ग दिया गया है। बताया जा रहा है कि ईरान की नौसेना ने भी इन जहाजों के सुरक्षित गुजरने में सहयोग किया, जिससे यह मिशन सफल हो सका।
सुरक्षा के लिए बदला गया रास्ता
मौजूदा तनाव को देखते हुए जहाजों ने पारंपरिक उत्तरी मार्ग की जगह ओमान के पास स्थित दक्षिणी समुद्री रास्ते का इस्तेमाल किया। यह रास्ता अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जा रहा है और इसी वजह से किसी भी संभावित खतरे से बचते हुए टैंकर आगे बढ़ पाया।
घरेलू बाजार को बड़ी राहत
भारत अपनी LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। ऐसे में अगर यह सप्लाई बाधित होती, तो देश में रसोई गैस की किल्लत और कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता था। ‘ग्रीन साल्वी’ की सुरक्षित यात्रा से अब सप्लाई चेन स्थिर बनी रहेगी और आम लोगों को राहत मिलेगी।
आगे भी जारी रहेगा काफिला
बताया जा रहा है कि आने वाले समय में दो और भारतीय एलपीजी टैंकर इस मार्ग को पार कर सकते हैं। इससे साफ है कि भारत ने मौजूदा वैश्विक संकट के बीच अपनी ऊर्जा सुरक्षा को बनाए रखने में बड़ी सफलता हासिल की है।
संकट के बीच राहत की खबर
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर चिंताओं के बीच यह घटनाक्रम भारत के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। फिलहाल, देश में रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर डर कम हुआ है और सप्लाई सामान्य रहने की उम्मीद जताई जा रही है।







