14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा की CBI जांच की मांग, सुप्रीम कोर्ट में PIL; 24 अगस्त को सुनवाई
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा को लेकर विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। परीक्षा में कथित गड़बड़ी और OMR शीट में अनियमितता के आरोपों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिका पर 24 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई निर्धारित की गई है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अदालत में इस मामले की सुनवाई होगी।
OMR शीट में गड़बड़ी और सिस्टमेटिक करप्शन का आरोप
याचिका में 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से परीक्षा में OMR शीट से जुड़ी कथित गड़बड़ियों के साथ-साथ व्यापक स्तर पर सिस्टमेटिक करप्शन का आरोप लगाया गया है। याचिका में कहा गया है कि मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच जरूरी है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े सभी तथ्यों और संभावित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
CID की जगह CBI जांच की मांग
याचिका में राज्य पुलिस की CID जांच के बजाय केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि परीक्षा से जुड़े आरोपों की गंभीरता को देखते हुए स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से जांच कराना उचित होगा। इसके साथ ही परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की भी मांग की गई है।
डिजिटल और फिजिकल सबूत सील करने की मांग
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में परीक्षा से जुड़े डिजिटल और फिजिकल साक्ष्यों को सुरक्षित और सील करने की मांग की गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच के दौरान किसी भी महत्वपूर्ण साक्ष्य से छेड़छाड़ न हो सके। याचिका में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और अन्य भौतिक साक्ष्यों को संरक्षित रखने की मांग की गई है।
नए सिरे से परीक्षा कराने की मांग
याचिकाकर्ता ने कथित अनियमितताओं के मद्देनजर सख्त सुरक्षा मानकों के तहत 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा नए सिरे से कराने की मांग भी की है। अब सभी की नजरें 24 अगस्त को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत इस याचिका पर क्या रुख अपनाती है और जांच को लेकर क्या निर्देश देती है, इससे 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा के भविष्य की तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो सकती है।




