mela

सरना -सनातन पर बाबूलाल मरांडी का बड़ा बयान, कांग्रेस-JMM पर साधा निशाना

Babulal Marandi Statement

कहा- आदिवासी समाज को बांटने की हो रही राजनीति, सरना-सनातन एक ही सांस्कृतिक परंपरा की अभिव्यक्ति

रांची: Babulal Marandi ने कांग्रेस और झामुमो पर आदिवासी समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया है। झारखंड भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि सरना, सनातन और हिंदू अलग-अलग पहचान नहीं, बल्कि एक ही सांस्कृतिक परंपरा की विभिन्न अभिव्यक्तियां हैं। उन्होंने दावा किया कि आदिवासी समाज की परंपराएं और आस्थाएं सदियों से प्रकृति पूजा से जुड़ी रही हैं, जो सनातन संस्कृति का ही हिस्सा हैं।

“प्रकृति पूजा आदिवासी परंपरा का मूल आधार”
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरना, सनातन और हिंदू समाज सभी प्रकृति के उपासक हैं। उन्होंने कहा कि पेड़, पहाड़, नदी, धरती और प्राकृतिक शक्तियों की पूजा आदिवासी परंपरा की मूल पहचान है और यही सनातन संस्कृति की भी विशेषता रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड की विभिन्न जनजातियों की परंपराएं, देवी-देवता और सांस्कृतिक मान्यताएं सनातन परंपरा की विविधता को दर्शाती हैं।

कांग्रेस पर तीखा हमला
मरांडी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी लंबे समय से समाज को जाति, धर्म और समुदाय के आधार पर बांटने की राजनीति करती रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का गठन 1857 के विद्रोह के बाद अंग्रेजों द्वारा “सेफ्टी वाल्व” के रूप में किया गया था ताकि जनता के असंतोष को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस को समाप्त करने की सलाह दी थी, लेकिन सत्ता में बने रहने के लिए ऐसा नहीं किया गया।

Adiwasi Mahotsav

धर्म परिवर्तन पर भी उठाए सवाल
धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हिंदू बनने के लिए किसी विशेष प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होती, जबकि अन्य धर्मों में धर्मांतरण की अलग व्यवस्था होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब आदिवासी समुदाय के लोग ईसाई या मुस्लिम धर्म अपनाते हैं, तब कांग्रेस और झामुमो चुप रहते हैं, लेकिन भाजपा पर अनावश्यक आरोप लगाए जाते हैं।

Maa RamPyari Hospital

munadi live whattsapp banne.jpg

पेसा कानून और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की मांग
मरांडी ने राज्य सरकार पर पेसा कानून की नियमावली को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक आदिवासी अधिकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रावधानों के साथ छेड़छाड़ की गई है। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से सरना, मसना, हरगड़ी और पहनाई जैसे आदिवासी आस्था स्थलों की जमीन को भू-माफियाओं से सुरक्षित रखने और उनके संरक्षण की मांग की।

resizone elanza

Telegram channel

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में इन धार्मिक स्थलों के विकास और घेराबंदी की दिशा में काम शुरू किया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *