रांची में धरना-प्रदर्शन के लिए अब पूर्व अनुमति जरूरी, जिला प्रशासन ने जारी किए निर्देश
रांची: राजधानी रांची में अब बिना पूर्व अनुमति के धरना-प्रदर्शन, विरोध जुलूस, मार्च, रैली और आमसभा का आयोजन नहीं किया जा सकेगा। रांची जिला प्रशासन ने सार्वजनिक कार्यक्रमों को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए आयोजकों से सक्षम प्राधिकारी से पहले अनुमति लेने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि इसका उद्देश्य लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण विरोध को रोकना नहीं, बल्कि विधि-व्यवस्था, जन-सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है। जिला प्रशासन के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर बिना पूर्व अनुमति के धरना, प्रदर्शन, जुलूस, घेराव या आमसभा आयोजित होने से कई बार यातायात बाधित होता है और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे आयोजनों के दौरान किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल, ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम पहले से करना जरूरी होता है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन संवैधानिक अधिकार, लेकिन नियमों का पालन जरूरी
रांची पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का हवाला देते हुए कहा है कि शांतिपूर्ण धरना और विरोध-प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। हालांकि, इस अधिकार का इस्तेमाल सार्वजनिक व्यवस्था, जन-सुरक्षा, यातायात और दूसरे नागरिकों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए लागू कानूनों और सक्षम प्राधिकारी के वैध निर्देशों के तहत किया जाना जरूरी है। प्रशासन का कहना है कि अनुमति लेने की व्यवस्था का मकसद किसी राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन या छात्र समूह के लोकतांत्रिक कार्यक्रम को रोकना नहीं है। बल्कि कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो और प्रतिभागियों के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके, इसके लिए पूर्व सूचना और अनुमति जरूरी है।
कार्यक्रम से पहले देनी होगी पूरी जानकारी
जिला प्रशासन ने आयोजकों से कहा है कि किसी भी धरना, प्रदर्शन, रैली या जुलूस के आयोजन से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत सक्षम प्राधिकारी, विशेष रूप से सदर अनुमंडल पदाधिकारी से अनुमति प्राप्त करें। जुलूस और रैली के मामले में आयोजकों को प्रस्तावित मार्ग, कार्यक्रम की तारीख, शुरुआत और समाप्ति का समय तथा संभावित प्रतिभागियों की संख्या की जानकारी प्रशासन को उपलब्ध करानी होगी। इसके अलावा कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रमुख व्यक्तियों की जानकारी भी, जहां आवश्यक हो, प्रशासन को देनी होगी। इन जानकारियों के आधार पर प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की योजना तैयार करेगा।

सार्वजनिक मार्ग बाधित करने पर प्रशासन की सख्ती
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक मार्ग या स्थान पर ऐसा कोई कार्य नहीं किया जाना चाहिए, जिससे अनधिकृत रूप से आवागमन बाधित हो या आम लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो। प्रशासन ने आयोजकों से अपील की है कि वे कार्यक्रम से संबंधित सभी नियमों और शर्तों का पालन करें। साथ ही यह भी कहा गया है कि कार्यक्रम के दौरान ऐसी स्थिति पैदा न हो, जिससे दूसरे नागरिकों के अधिकारों में अनुचित हस्तक्षेप हो।
छात्रों और आम लोगों से भी अपील
रांची जिला प्रशासन ने छात्रों और आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी धरना या प्रदर्शन में शामिल होने से पहले आयोजकों से कार्यक्रम की वैधानिक स्थिति और प्रशासन द्वारा निर्धारित शर्तों की जानकारी जरूर प्राप्त करें। प्रशासन ने अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से बचने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से मिलने वाली ऐसी किसी सूचना पर भरोसा न करें, जिससे कानून-व्यवस्था, सुरक्षा या यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
लोकतांत्रिक कार्यक्रमों के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करना उद्देश्य
जिला प्रशासन ने कहा है कि किसी सार्वजनिक कार्यक्रम की पूर्व सूचना और सक्षम प्राधिकारी से अनुमति की व्यवस्था का उद्देश्य शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक कार्यक्रमों को रोकना नहीं है। इसका उद्देश्य कार्यक्रम में शामिल लोगों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखना, यातायात को व्यवस्थित करना और आम नागरिकों को होने वाली असुविधा को कम करना है।
प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों, विभिन्न संस्थाओं और आम नागरिकों से अपील की है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन के दौरान निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करें और समय पर जरूरी जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराएं। प्रशासन ने साफ किया है कि लोकतांत्रिक विरोध का अधिकार बरकरार है, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन के लिए नियमों और अनुमति की प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा।







