JSSC-CGL घोटाले में CID का बड़ा एक्शन, चार और अभ्यर्थी गिरफ्तार
CID ने शुक्रवार को की कार्रवाई, सोमांश प्रकाश और राहुल को 5 दिन की रिमांड पर लिया
समीर उर्फ शालू के घर से मिले थे आपत्तिजनक दस्तावेज
रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की बहुचर्चित CGL परीक्षा में कथित भ्रष्टाचार और पेपर लीक मामले की जांच कर रही CID ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने इस मामले में चार और अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, फिलहाल CID की ओर से गिरफ्तार किए गए इन चारों अभ्यर्थियों के नामों का खुलासा नहीं किया गया है। चार नई गिरफ्तारियों के साथ ही JSSC-CGL मामले की जांच और तेज हो गई है। CID अब कथित तौर पर यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में अनियमितता से जुड़े नेटवर्क में इन अभ्यर्थियों की क्या भूमिका थी और उनका संपर्क किन लोगों से था।
सोमांश प्रकाश और राहुल 5 दिन की रिमांड पर
शुक्रवार की कार्रवाई में चार नए आरोपियों की गिरफ्तारी के अलावा CID ने एक दिन पहले गिरफ्तार किए गए सोमांश प्रकाश और राहुल को भी पांच दिनों की रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान जांच एजेंसी दोनों से JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक और अभ्यर्थियों से जुड़े नेटवर्क के बारे में पूछताछ करेगी। CID यह भी जानने की कोशिश कर सकती है कि मामले में इनके संपर्क किन लोगों से थे और परीक्षा में कथित भ्रष्टाचार को अंजाम देने में इनकी क्या भूमिका रही। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले में गिरफ्तारियों की संख्या बढ़ती जा रही है।
बेंगाबाद से समीर उर्फ शालू की गिरफ्तारी
इससे पहले गुरुवार को CID ने गिरिडीह के बेंगाबाद से CGL परीक्षा में चयनित अभ्यर्थी और ASO समीर उर्फ शालू को गिरफ्तार किया था। बताया गया था कि समीर छुट्टी लेकर रांची से बेंगाबाद आया था और रक्षाबंधन के मौके पर अपने परिवार के साथ मिठाई की दुकान पर मौजूद था। इसी दौरान CID की टीम ने बेंगाबाद पुलिस के सहयोग से कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया और बाद में अपने साथ रांची ले गई।

समीर के घर से मिले आपत्तिजनक दस्तावेज
CID की कार्रवाई के दौरान समीर के घर से कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। इन दस्तावेजों को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एजेंसी अब बरामद दस्तावेजों की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उनका JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितता से क्या संबंध है। दस्तावेजों से जुड़े लोगों और संपर्कों की भी पड़ताल की जा सकती है।
अभय तिवारी से भी जुड़ रही बेंगाबाद की कड़ी
इस मामले में बेंगाबाद का नाम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह JSSC-CGL मामले के प्रमुख आरोपी बताए जा रहे अभय तिवारी का ससुराल है। अब CID की जांच में बेंगाबाद से सामने आ रही कड़ियों को भी खंगाला जा रहा है। समीर की गिरफ्तारी, उसके घर से मिले दस्तावेज और अन्य आरोपियों से पूछताछ के आधार पर जांच एजेंसी कथित नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने लाने की कोशिश कर रही है।
लगातार बढ़ रहा जांच का दायरा
JSSC-CGL मामले में लगातार हो रही गिरफ्तारियों के बाद जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। CID अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में कथित भ्रष्टाचार का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कितने लोग शामिल थे। चार और अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी और दो आरोपियों को रिमांड पर लिए जाने के बाद आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है। हालांकि, गिरफ्तार किए गए लोगों की भूमिका और उन पर लगे आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।






