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अमरपारा में दरिंदगी: 51 वर्षीय विधवा महिला के साथ जंगल में गैंगरेप, एक आरोपी गिरफ्तार

पाकुड़ गैंगरेप केस

पाकुड़, 31 मई 2025: झारखंड के पाकुड़ जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। अमरपारा थाना क्षेत्र में 51 वर्षीय एक विधवा महिला के साथ तीन युवकों ने जंगल में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो की तलाश जारी है।

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घटना का विवरण

घटना 24 मई की रात की है। पीड़िता अपने घर में अकेली सो रही थी, तभी गांव के तीन युवक जबरन घर में घुस आए। उन्होंने पहले महिला का मुंह कपड़े से बांध दिया और जान से मारने की धमकी दी, फिर उसे पास के जंगल में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया।

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पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि एक युवक का चेहरा खुला था, जिससे उसकी पहचान गांव के सुनील हांसदा के रूप में हुई। जबकि अन्य दो आरोपी चेहरा ढंके हुए थे, जिससे उनकी पहचान नहीं हो सकी है।

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तेज कार्रवाई में जुटी पुलिस

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पीड़िता की शिकायत मिलने के बाद अमरपारा थाना की पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सुनील हांसदा को गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी अनूप रोशन भेंगरा ने बताया कि गिरफ्तार युवक से पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया है, जबकि अन्य दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है।

थाना प्रभारी ने यह भी कहा कि:

“पीड़िता को कानून के अनुसार हर संभव सहायता दी जा रही है। जल्द ही फरार आरोपियों को भी न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।”

गांव में आक्रोश, समाज में दहशत

घटना के बाद से गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल है। पीड़िता के परिजन और ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
बताया जा रहा है कि समाज में इस पर बैठक करने के कारण शिकायत दर्ज करने में देरी हुई, जिससे यह सवाल भी उठता है कि महिला अपराधों को लेकर ग्रामीण समाज में आज भी चुप्पी और डर क्यों है?

पाकुड़ जैसे सीमावर्ती आदिवासी बहुल इलाके में इस तरह की घटनाएं न केवल सामाजिक चेतना की कमी, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की कमजोर कड़ी को भी उजागर करती हैं।
एक अकेली विधवा महिला को निशाना बनाना न सिर्फ जघन्य अपराध है, बल्कि यह हमारी संवेदनशीलता पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
प्रशासन से अपेक्षा है कि वह मामले की त्वरित सुनवाई और पीड़िता को न्याय दिलाने में कोई कोताही न बरते।

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