श्री कृष्ण विद्या मंदिर में CBSE का दो दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न, 60 शिक्षकों ने सीखी किशोरावस्था शिक्षा की बारीकियां
GEN-Z पीढ़ी के संदर्भ में प्रशिक्षण की प्रासंगिकता
रामगढ़: श्री कृष्ण विद्या मंदिर के सभागार में 29 और 30 अगस्त 2026 को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आयोजित दो दिवसीय शिक्षक क्षमता निर्माण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण का मुख्य विषय ‘किशोरावस्था शिक्षा कार्यक्रम’ रहा, जिसमें विभिन्न विद्यालयों से आए कुल 60 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को किशोरावस्था के दौरान विद्यार्थियों में होने वाले शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक बदलावों को समझने तथा उन्हें उचित मार्गदर्शन देने के लिए आवश्यक जानकारी और कौशल प्रदान करना था।
किशोरावस्था में बदलाव और जीवन कौशल पर प्रशिक्षण
कार्यक्रम के रिसोर्स पर्सन श्री गुरु नानक पब्लिक स्कूल के प्राचार्य हरजाप सिंह एवं राधा कृष्ण इंटरनेशनल स्कूल, मारंगमार्चा के प्राचार्य सच्चिदानंद पाण्डेय रहे। दोनों विशेषज्ञों ने शिक्षकों को किशोर विद्यार्थियों के शारीरिक बदलाव, स्वास्थ्य, व्यवहार तथा जीवन कौशल से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि किशोरावस्था बचपन से युवावस्था की ओर बढ़ने का महत्वपूर्ण संक्रमण काल है। सामान्यतः 12 से 18 वर्ष की आयु के दौरान बच्चों में शारीरिक विकास के साथ-साथ उनकी सोच, भावनाओं, व्यवहार और सामाजिक संबंधों में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव आते हैं। ऐसे समय में शिक्षकों की भूमिका केवल शैक्षणिक शिक्षा तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उन्हें विद्यार्थियों के उचित मार्गदर्शन और व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होती है।
शिक्षकों की भूमिका पर दिया गया जोर
कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि किशोर विद्यार्थियों को अनुशासित और सकारात्मक वातावरण में शिक्षा देने के लिए शिक्षकों में धैर्य, संवेदनशीलता और कुशल संवाद क्षमता होना आवश्यक है। सही समय पर उचित मार्गदर्शन विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं और चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझने तथा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने में मदद कर सकता है। विद्यालय की प्राचार्या एवं वेन्यू डायरेक्टर गुरप्रीत कौर ने सभी अतिथियों और प्रतिभागी शिक्षकों का स्वागत किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर उन्होंने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।

GEN-Z पीढ़ी के संदर्भ में प्रशिक्षण की प्रासंगिकता
विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष आनंद अग्रवाल (अधिवक्ता) ने CBSE द्वारा इस महत्वपूर्ण विषय पर प्रशिक्षण आयोजित किए जाने की सराहना की। उन्होंने CBSE, प्रशिक्षण से जुड़े सभी प्राचार्यों, रिसोर्स पर्सन और आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
अपने संदेश में आनंद अग्रवाल ने GEN-Z पीढ़ी का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान समय में किशोरावस्था शिक्षा जैसे विषय की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है। किशोरावस्था में बच्चों की सोच, भावनाओं और सामाजिक जीवन में तेजी से बदलाव आते हैं और वे धीरे-धीरे अधिक स्वतंत्र होना सीखते हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें सही दिशा और सकारात्मक मार्गदर्शन देना शिक्षक-शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने कहा कि CBSE की ओर से शिक्षकों को ऐसे समसामयिक और महत्वपूर्ण विषय पर प्रशिक्षित करना सराहनीय पहल है। इससे शिक्षक विद्यार्थियों की जरूरतों और चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।
आयोजन की सफलता में इनका रहा योगदान
प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में STNC रंजू सिंह, उपप्राचार्य विजय तिवारी सहित विद्यालय के अन्य कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया और किशोर विद्यार्थियों से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण प्राप्त किया। दो दिवसीय यह क्षमता निर्माण कार्यक्रम शिक्षकों के लिए व्यावहारिक और उपयोगी अनुभव रहा। कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को यह संदेश मिला कि किशोर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ संवेदनशील संवाद, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता, जीवन कौशल और उचित मार्गदर्शन भी बेहद जरूरी है।
CBSE शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम ने श्री कृष्ण विद्या मंदिर में शिक्षकों की क्षमता निर्माण के साथ विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए संवेदनशील एवं जिम्मेदार शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल का रूप लिया।






