हेमंत सोरेन ने रिसालदार बाबा की मजार पर की चादरपोशी, मांगी राज्य की खुशहाली की दुआ
रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रविवार को रांची के डोरंडा स्थित हजरत कुतुबुद्दीन रिसालदार बाबा की मजार पर आयोजित 219वें उर्स में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने परंपरा के अनुसार मजार पर चादरपोशी की और झारखंड की सुख-समृद्धि, अमन-चैन, प्रगति और खुशहाली के लिए दुआ मांगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि हजरत कुतुबुद्दीन रिसालदार बाबा की शिक्षाएं प्रेम, भाईचारे, इंसानियत और आपसी सौहार्द का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन समाज में आपसी प्रेम और सद्भाव को मजबूत करने का संदेश देते हैं।
राज्य की सुख-शांति और समृद्धि के लिए मांगी दुआ
चादरपोशी के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के लोगों के सुखी और समृद्ध जीवन की कामना की। उन्होंने राज्य में अमन-चैन, सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारा कायम रहने की दुआ मांगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उर्स का यह पवित्र अवसर सभी लोगों के लिए शांति, प्रेम और एकजुटता का संदेश लेकर आता है। उन्होंने राज्य में आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की भावना को और मजबूत करने की कामना की।
219वें उर्स में शामिल हुए मुख्यमंत्री
डोरंडा स्थित रिसालदार बाबा की मजार पर इस वर्ष 219वें उर्स का आयोजन किया जा रहा है। उर्स में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने भी कार्यक्रम में पहुंचकर मजार पर चादर चढ़ाई और बाबा की दरगाह पर अपनी श्रद्धा प्रकट की। इस मौके पर उन्होंने उर्स में शामिल सभी अकीदतमंदों और झारखंडवासियों को उर्स की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

प्रेम और भाईचारे का संदेश
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हजरत कुतुबुद्दीन रिसालदार बाबा की शिक्षाएं इंसानियत, प्रेम और भाईचारे पर आधारित हैं। उनके संदेश आज भी समाज को एकजुट रहने और आपसी सौहार्द बनाए रखने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान विविधता और सामाजिक सद्भाव के लिए रही है। ऐसे अवसर लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने और समाज में एकता की भावना को मजबूत करने का काम करते हैं। मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों के लिए प्रगति और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि झारखंड में आपसी भाईचारा, सामाजिक सद्भाव और एकजुटता की भावना लगातार मजबूत होती रहे।



