पलामू में रिश्वतखोर BSO को 5 साल की सजा, 3 हजार लेते रंगे हाथ पकड़े गए थे

Palamu Bribery Case

विश्रामपुर के तत्कालीन प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी रमेशचंद्र प्रसाद पर 25 हजार रुपये जुर्माना

2014 के रिश्वत मामले में आया फैसला

पलामू: पलामू जिला व्यवहार न्यायालय स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की विशेष अदालत ने रिश्वतखोरी के एक पुराने मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश राजकुमार मिश्र की अदालत ने विश्रामपुर के तत्कालीन प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) रमेशचंद्र प्रसाद को भ्रष्टाचार के मामले में दोषी करार देते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में उन्हें तीन महीने की अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी।

धारा 7 में भी 4 साल की सजा
अदालत ने रमेशचंद्र प्रसाद को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत भी दोषी पाया है। इस मामले में अदालत ने उन्हें 4 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं भरने पर तीन महीने की अतिरिक्त सश्रम सजा का प्रावधान किया गया है। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि दोनों धाराओं के तहत दी गई सजाएं एक साथ चलेंगी।

अनाज उठाव के बदले मांगी थी रिश्वत
यह मामला वर्ष 2014 का है। विश्रामपुर निवासी मोनीर आलम ने तत्कालीन बीएसओ रमेशचंद्र प्रसाद के खिलाफ ACB यानी तत्कालीन निगरानी विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि खाद्यान्न उठाव और अनाज बंटवारे से संबंधित काम के एवज में अधिकारी की ओर से प्रति क्विंटल 10 रुपये की दर से अवैध राशि की मांग की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग की टीम ने आरोपों का सत्यापन कराया। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया।

3 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
ACB की टीम ने 17 अक्टूबर 2014 को कार्रवाई की। शिकायतकर्ता जब आरोपी अधिकारी को 3 हजार रुपये रिश्वत दे रहा था, उसी दौरान स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में ACB की टीम ने रमेशचंद्र प्रसाद को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद मामले में निगरानी थाना, रांची में प्राथमिकी दर्ज की गई और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई। करीब 12 साल पुराने इस मामले में अब अदालत ने अंतिम फैसला सुनाते हुए तत्कालीन BSO को दोषी करार दिया है।

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भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश
अदालत के इस फैसले को सरकारी कामकाज में रिश्वतखोरी के खिलाफ महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खाद्यान्न जैसे जनकल्याण से जुड़े कार्य में रिश्वत मांगने के आरोप में दोषी पाए गए अधिकारी को सजा मिलने से भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई को लेकर भी संदेश गया है। फिलहाल अदालत के आदेश के बाद रमेशचंद्र प्रसाद को निर्धारित सजा भुगतनी होगी। मामले में ACB की ओर से की गई कार्रवाई और वर्षों चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब फैसला सामने आया है।

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