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JPSC परीक्षा गड़बड़ी केस: किंगपिन अभय तिवारी की जमानत पर सुनवाई, 8 सितंबर को होगी अगली बहस

JPSC Exam Scam Abhay Tiwari

Ranchi News: JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी और नियुक्ति घोटाले के मामले में जेल में बंद कथित किंगपिन अभय तिवारी की जमानत याचिका पर अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान CID की ओर से अदालत में अपना पक्ष रखा गया। अब 8 सितंबर को अभय तिवारी की ओर से जमानत के पक्ष में बहस की जाएगी। अभय तिवारी को इस मामले में CID की जांच का प्रमुख आरोपी बताया जा रहा है। उन पर अपने सगे-संबंधियों के अलावा अन्य अभ्यर्थियों से कथित तौर पर पैसे लेकर नौकरी दिलाने का आरोप है। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

टीडीपीएल में मार्केटिंग मैनेजर रह चुका है अभय तिवारी
जांच एजेंसी के अनुसार, अभय तिवारी टीडीपीएल (TDPL) में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर काम कर चुका है। CID की जांच में उसके कथित नेटवर्क और अभ्यर्थियों के साथ संपर्क को लेकर कई बिंदुओं की पड़ताल की जा रही है। आरोप है कि उसने अपने करीबी रिश्तेदारों के साथ-साथ अन्य अभ्यर्थियों से भी पैसे लिए और नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। मामले में पैसों के लेनदेन और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

CID ने दर्ज किया है केस
JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर CID ने कांड संख्या 16/2026 दर्ज किया है। इसी मामले की जांच के दौरान एजेंसी ने JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांग्ते को गिरफ्तार किया था। CID ने उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की थी। रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद से वह न्यायिक हिरासत में हैं।

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20 से ज्यादा लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
CID की जांच में अब तक 20 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, अभ्यर्थियों से संपर्क, पैसों के लेनदेन और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, मामले में नए नाम और कड़ियां सामने आने का दावा किया जा रहा है।

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अभय तिवारी के स्वीकारोक्ति बयान में ख्यांग्ते का जिक्र
CID के अनुसार, अभय तिवारी ने जांच अधिकारियों के समक्ष दिए गए कथित स्वीकारोक्ति बयान में पूर्व JPSC चेयरमैन एल. ख्यांग्ते की भूमिका का उल्लेख किया है। अभय तिवारी के कथित बयान के मुताबिक, परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी के रूप में TDPL के चयन में ख्यांग्ते की अहम भूमिका थी। CID इसी पहलू की भी जांच कर रही है। हालांकि, किसी आरोपी का पुलिस या जांच एजेंसी के समक्ष दिया गया कथित बयान अपने आप में दोष साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं होता। आरोपों की पुष्टि अदालत में होने वाली न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।

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8 सितंबर को तय होगा जमानत पर अगला रुख
फिलहाल अभय तिवारी जेल में बंद है और उसकी जमानत याचिका पर सुनवाई जारी है। CID की ओर से अपना पक्ष रखने के बाद अब 8 सितंबर को अभय तिवारी की ओर से बहस होगी। इसके बाद अदालत जमानत याचिका पर आगे की कार्रवाई करेगी। JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े इस मामले में जांच एजेंसी की कार्रवाई और अदालत की सुनवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

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