JSSC महिला पर्यवेक्षिका परीक्षा मामला: हाईकोर्ट ने एकल पीठ के आदेश पर लगाई रोक, 33 अभ्यर्थियों को नोटिस

JSSC Mahila Paryavekshika Exam

Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने महिला पर्यवेक्षिका प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े मामले में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को बड़ी राहत दी है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने JSSC की अपील पर सुनवाई करते हुए एकल पीठ के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें 33 अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी रद्द करने के आयोग के फैसले को निरस्त कर दिया गया था। खंडपीठ ने मामले में प्रतिवादी आकांक्षा कुमारी समेत 33 अभ्यर्थियों को नोटिस जारी करते हुए अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर 2026 को होगी।

JSSC ने एकल पीठ के आदेश को दी थी चुनौती
JSSC की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल, प्रिंस कुमार और जयप्रकाश ने खंडपीठ के समक्ष पक्ष रखा। आयोग की ओर से दलील दी गई कि एकल पीठ ने 15 मई 2026 को जो आदेश पारित किया था, उसमें तथ्यों और नियमों का सही तरीके से आकलन नहीं किया गया। JSSC ने अदालत को बताया कि वर्ष 2019, 2021 और 2023 की संशोधित नियमावली का गजट नोटिफिकेशन वर्ष 2026 में हुआ था। आयोग के अनुसार, इसी आधार पर महिला पर्यवेक्षिका नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया था।

शैक्षणिक योग्यता को लेकर रद्द हुई थी उम्मीदवारी
मामले में JSSC के अनुसार, संबंधित 33 अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी स्नातक की डिग्री निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप नहीं होने के आधार पर रद्द की गई थी। आयोग का कहना था कि नियुक्ति विज्ञापन में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप डिग्री नहीं होने के कारण इन अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया में आगे शामिल नहीं किया जा सकता था।

अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में दायर की थी रिट याचिका
उम्मीदवारी रद्द किए जाने के खिलाफ 33 अभ्यर्थियों ने झारखंड हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई के बाद एकल पीठ ने JSSC के फैसले को निरस्त कर दिया था। एकल पीठ ने अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल करने का निर्देश भी दिया था। इस आदेश के खिलाफ JSSC ने हाईकोर्ट की खंडपीठ में अपील दायर की।

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अब 33 अभ्यर्थियों से मांगा गया जवाब
JSSC की अपील पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने फिलहाल एकल पीठ के आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही आकांक्षा कुमारी समेत 33 अभ्यर्थियों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। इस आदेश के बाद मामले में आगे की प्रक्रिया खंडपीठ के समक्ष चलेगी। अब सभी की नजर 6 अक्टूबर की अगली सुनवाई पर है, जब मामले में आगे की सुनवाई होगी।

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