मेजर उर्फ सैफी का खुलासा: शूटर से रंगदारी तक, हर कड़ी का था मास्टरमाइंड

Dhanbad Saifi gang

वर्चुअल नंबर से धमकी, हथियार सप्लाई और वसूली का पूरा सिस्टम करता था संचालित

धनबाद: कुख्यात अपराधी गिरोह से जुड़े मेजर उर्फ सैफी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच में लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं। शुरुआती पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ है कि सैफी केवल एक साधारण सदस्य नहीं था, बल्कि गिरोह के पूरे ऑपरेशन का अहम संचालक था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सैफी गिरोह के लिए शूटरों का इंतजाम करने, वारदात की योजना बनाने और उसे अंजाम तक पहुंचाने में केंद्रीय भूमिका निभाता था। यह भी सामने आया है कि वह हर ऑपरेशन की बारीकी से निगरानी करता था और किसे किस काम में लगाना है, इसका निर्णय भी वही करता था।

हथियारों की सप्लाई और ऑपरेशन की रणनीति
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरोह के लिए हथियारों की व्यवस्था सैफी के जिम्मे थी। वह अलग-अलग स्रोतों से हथियार जुटाता था और जरूरत के हिसाब से उन्हें शूटरों तक पहुंचाता था। किस वारदात में किस तरह के हथियार का इस्तेमाल होगा, कौन सा शूटर किस हथियार के साथ जाएगा और ऑपरेशन के दौरान किसे क्या भूमिका निभानी है—इन सभी पहलुओं की जिम्मेदारी उसी के पास थी। इससे साफ होता है कि वह गिरोह के लिए एक रणनीतिक योजनाकार की भूमिका निभा रहा था।

रंगदारी वसूली का पूरा हिसाब-किताब
सैफी की भूमिका केवल अपराध तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह गिरोह के आर्थिक प्रबंधन का भी मुख्य जिम्मेदार था। ठेकेदारों, कारोबारियों और अन्य लोगों से वसूली गई रंगदारी की रकम का पूरा हिसाब वही रखता था। इसके साथ ही, वह काम के आधार पर रकम का बंटवारा भी करता था, जिससे गिरोह के सदस्यों में तालमेल बना रहे।

वर्चुअल नंबर से धमकी का खेल
पूछताछ में एक अहम खुलासा यह भी हुआ कि गिरोह द्वारा धमकी देने के लिए वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल किया जाता था। इन नंबरों के जरिए कारोबारियों को कॉल कर उन्हें डराया-धमकाया जाता था, ताकि वे बिना विरोध के पैसे देने को मजबूर हो जाएं। इस तकनीक का इस्तेमाल इसलिए किया जाता था, ताकि पुलिस असली कॉलर की पहचान तक न पहुंच सके।

munadi live whattsapp banne.jpg

पर्चा और मैसेज से फैलाते थे खौफ
सिर्फ कॉल ही नहीं, बल्कि गिरोह स्थानीय स्तर पर पर्चे और मैसेज वायरल कर भी दहशत फैलाता था। इन पर्चों में धमकी भरे संदेश होते थे, जिससे इलाके में डर का माहौल बन जाता था और लोग विरोध करने से कतराते थे। यह रणनीति गिरोह के लिए वसूली को आसान बनाने का एक प्रभावी तरीका साबित हो रही थी।

resizone elanza

Telegram channel

नेटवर्क से जुड़े कई नाम आए सामने
पुलिस के अनुसार, सैफी से पूछताछ के दौरान गिरोह से जुड़े कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। इन लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और पुलिस जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है। संभावना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होंगी।

पुलिस की आगे की कार्रवाई
धनबाद पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए रणनीति बना रही है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के हर सदस्य को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।

मेजर उर्फ सैफी की गिरफ्तारी ने यह साफ कर दिया है कि धनबाद में संगठित अपराध कितने सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। हालांकि, पुलिस की सक्रियता और लगातार कार्रवाई से अब इस नेटवर्क की जड़ें हिलती नजर आ रही हैं। आने वाले समय में इस गिरोह के पूरी तरह खत्म होने की उम्मीद जताई जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *