JPSC-JSSC परीक्षा धांधली पर BJP का बड़ा वार, 48 घंटे का अल्टीमेटम; CBI जांच और छात्रों पर FIR रद्द करने की मांग
Ranchi News: झारखंड में JPSC और JSSC की विभिन्न परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। बुधवार को BJP का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में झारखंड मंत्रालय पहुंचा, जहां मुख्य सचिव से मुलाकात कर परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच, छात्रों पर दर्ज मुकदमों को तत्काल वापस लेने और मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गई। भाजपा नेताओं ने कहा कि परीक्षा धांधली के खिलाफ आंदोलन करने वाले छात्रों पर दर्ज FIR को वापस लिया जाना चाहिए और जिन लोगों पर परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।
करीब एक महीने तक चला था छात्रों का आंदोलन
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव को बताया कि JPSC और JSSC की विभिन्न परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में झारखंड के छात्रों ने करीब एक महीने तक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया था। भाजपा का आरोप है कि आंदोलन के दौरान और उसके बाद छात्रों की आवाज दबाने के लिए राज्य के अलग-अलग थानों में FIR दर्ज की गई। पार्टी ने इन सभी मामलों को तत्काल रद्द करने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न राज्यों में छात्र आंदोलनों से जुड़े मामलों में FIR को लेकर दिए गए आदेश का भी हवाला दिया और झारखंड सरकार से छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की।

‘सरकार के इशारे पर छात्रों पर हुआ लाठीचार्ज’
मीडिया से बातचीत में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया और आंदोलन खत्म होने के बाद भी उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए। आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि JPSC से जुड़े मामले में अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बावजूद आयोग के अन्य सदस्यों पर समान कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने दावा किया कि सरकार अपने लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है। हालांकि, ये सभी आरोप भाजपा की ओर से लगाए गए हैं। संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए।
48 घंटे का अल्टीमेटम, कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद होने वाले आंदोलन की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
भाजपा ने साफ किया कि उसकी प्रमुख मांग JPSC और JSSC से जुड़ी परीक्षाओं में कथित धांधली की निष्पक्ष जांच कराना और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
BJP की तीन प्रमुख मांगें
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं—
- छात्रों पर दर्ज FIR तत्काल वापस हो
छात्र आंदोलन के दौरान और उसके बाद राज्य के विभिन्न थानों में छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को अविलंब रद्द करने की मांग की गई है। - रद्द और स्थगित परीक्षाओं की CBI जांच
भाजपा ने मांग की है कि JPSC और JSSC की ओर से आयोजित जिन परीक्षाओं में धांधली के आरोप लगे हैं तथा जिन्हें रद्द या स्थगित किया गया है, उनकी CBI जांच की अनुशंसा राज्य सरकार तत्काल करे। पार्टी का कहना है कि इससे परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो सकेगी और दोषियों की पहचान की जा सकेगी। - आयोग के सदस्यों और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई
भाजपा ने मांग की कि आयोग के अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद कथित रूप से समान रूप से जिम्मेदार आयोग के अन्य सदस्यों की भी तत्काल गिरफ्तारी की जाए।
इसके अलावा जिन अधिकारियों के अधीन काम करने वाले कनिष्ठ कर्मचारियों पर धांधली के आरोप में कार्रवाई हुई है, उनकी भूमिका की भी जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
बाबूलाल मरांडी समेत कई बड़े नेता रहे मौजूद
मुख्य सचिव से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, राष्ट्रीय मंत्री प्रदीप वर्मा, सांसद बीडी राम, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद और भानु प्रताप शाही शामिल रहे। इसके अलावा प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, विधायक सीपी सिंह, मंजू देवी, शशि भूषण मेहता, आलोक चौरसिया, रोशन लाल चौधरी, सत्येंद्र नाथ तिवारी, नीरा यादव, नागेंद्र महतो, राज सिन्हा, शत्रुघ्न महतो और रागिनी सिंह समेत अन्य नेता भी प्रतिनिधिमंडल में मौजूद रहे।







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