अर्पिता महिला मंडल ने 32 जरूरतमंदों को दिए सब्जी और चाट के ठेले, स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बनाने की पहल
CCL रांची की महिला मंडल ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को ठेला, किराना सामग्री और खाद्य पैकेट देकर बढ़ाया सहयोग
रांची: जरूरतमंद एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अर्पिता महिला मंडल, सीसीएल रांची ने सराहनीय पहल की है। बुधवार को आयोजित कल्याणकारी कार्यक्रम में 32 चयनित जरूरतमंद लाभार्थियों को सब्जी और चाट के ठेले प्रदान किए गए। इस पहल का उद्देश्य लोगों को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक एवं स्थायी आजीविका का अवसर उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम का आयोजन अर्पिता महिला मंडल, सीसीएल रांची की अध्यक्षा श्रीमती प्रीति सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें उपाध्यक्ष सहित सीसीएल मुख्यालय और सभी 15 महिला समितियों का सक्रिय सहयोग रहा।
ठेला देकर स्वरोजगार से जोड़ने की पहल
कार्यक्रम के दौरान 32 लाभार्थियों को सब्जी एवं चाट का ठेला उपलब्ध कराया गया। महिला मंडल की इस पहल से लाभार्थियों को अपना छोटा व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिलेगा। इससे वे अपनी मेहनत के जरिए नियमित आय अर्जित कर परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। महिला मंडल का उद्देश्य केवल तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को स्वरोजगार का साधन देकर आत्मनिर्भर बनाना है।
तत्काल सहायता के साथ मिला जरूरी सामान
स्वरोजगार के साधन उपलब्ध कराने के साथ ही लाभार्थियों को तत्काल जरूरत में सहयोग देने के लिए किराना सामग्री से भरे बैग और खाद्य पैकेट भी वितरित किए गए। इससे कार्यक्रम का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को तत्काल राहत और भविष्य के लिए आजीविका का साधन दोनों उपलब्ध कराना रहा।

‘छोटा व्यवसाय भी बन सकता है स्थायी आजीविका का आधार’
अर्पिता महिला मंडल की अध्यक्षा प्रीति सिंह ने कहा कि जरूरतमंद लोगों को केवल तत्काल सहायता देना ही पर्याप्त नहीं है। उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाना महिला मंडल के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि छोटे स्तर से शुरू किया गया व्यवसाय भी किसी परिवार के लिए स्थायी आजीविका और बेहतर भविष्य की नींव बन सकता है। ऐसे प्रयासों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों में आत्मविश्वास पैदा होता है और वे सम्मान के साथ अपने पैरों पर खड़े होने की दिशा में आगे बढ़ते हैं।
15 महिला समितियों की सहभागिता
कार्यक्रम में सीसीएल मुख्यालय के साथ सभी 15 महिला समितियों की सक्रिय भागीदारी रही। सामूहिक सहभागिता ने सेवा, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत किया। महिला मंडल की इस पहल से लाभार्थियों के बीच नई उम्मीद और आत्मविश्वास देखने को मिला। लाभार्थियों ने सहायता के लिए अर्पिता महिला मंडल के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि ठेला और अन्य आवश्यक सहयोग मिलने से उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने में मदद मिलेगी और वे अपने परिवार के लिए सम्मानजनक आय अर्जित कर सकेंगे।
सेवा से सशक्तिकरण तक पहुंची पहल
अर्पिता महिला मंडल की यह पहल सामाजिक सेवा को आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ने का उदाहरण है। जरूरतमंद परिवारों को केवल सहायता उपलब्ध कराने के बजाय उन्हें कमाई का साधन उपलब्ध कराने से दीर्घकालिक रूप से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव की संभावना बढ़ती है। सब्जी और चाट के ठेले पाने वाले 32 लाभार्थियों के लिए यह सहयोग उनके छोटे व्यवसाय की शुरुआत का माध्यम बनेगा। महिला मंडल की इस पहल ने सेवा, करुणा, सहयोग और आत्मनिर्भरता के संदेश को मजबूती से सामने रखा।





