14वीं JPSC पीटी परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग, आजसू ने हेमंत सरकार पर साधा निशाना
रांची: झारखंड लोकसेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) को लेकर जारी विवाद के बीच आजसू पार्टी ने राज्य सरकार से परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं ने झारखंड की छवि को धूमिल किया है और युवाओं का आयोग पर विश्वास कमजोर हुआ है। रांची स्थित हरमू के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के केंद्रीय महासचिव एवं पूर्व विधायक डॉ. लम्बोदर महतो तथा मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने यह मांग उठाई।
ब्लैकलिस्टेड एजेंसी की भूमिका पर उठाए सवाल
डॉ. लम्बोदर महतो ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन में ऐसी निजी एजेंसी की सेवाएं ली गईं, जिसके संबंध में अन्य राज्यों में कार्रवाई और प्रतिबंध की बातें सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि एजेंसी TDPL की भूमिका, JPSC कार्यालय में CID की छापेमारी और आयोग के अध्यक्ष के इस्तीफे की खबरों ने पूरे मामले को और अधिक संदेहास्पद बना दिया है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि चर्चा है कि सामान्य वर्ग की 50 सीटों के लिए चयनित 1100 अभ्यर्थियों में बड़ी संख्या हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों की है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आयोग को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। साथ ही उन्होंने OMR शीट सहित परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कई बिंदुओं पर पारदर्शिता की मांग की।
सरकार और आयोग से जवाब मांगने की बात
मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने कहा कि सरकार, JPSC और परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसी की भूमिका पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं, जिनका जवाब झारखंड के युवाओं को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता हुई है तो उसकी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि झारखंडी युवाओं के हितों की बात करने वाली सरकार के कार्यकाल में परीक्षा परिणामों को लेकर इतनी व्यापक शंकाएं क्यों पैदा हुईं।
अभ्यर्थियों के आंदोलन का किया जिक्र
आजसू नेताओं ने कहा कि JPSC कार्यालय के बाहर अभ्यर्थियों का लगातार धरना-प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि आयोग के प्रति युवाओं का विश्वास प्रभावित हुआ है। उन्होंने दावा किया कि युवा आजसू के आंदोलन के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ लिया और अब सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग
आजसू पार्टी ने मांग की कि:
- 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा तत्काल रद्द की जाए।
- पूरे मामले की CBI से स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- यदि वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं तो उनकी जांच सक्षम केंद्रीय एजेंसियों से भी कराई जाए।
- दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र निर्णय नहीं लेती है तो युवाओं के न्याय के लिए लोकतांत्रिक आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रेस वार्ता में युवा आजसू महानगर अध्यक्ष अमित यादव, खूंटी जिला अध्यक्ष जयकांत कश्यप तथा युवा आजसू नेता प्रताप सिंह भी उपस्थित रहे।






