सुदिव्य सोनू के निधन से गिरिडीह में शोक की लहर, अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब
हेमंत बोले- ‘बड़े भाई की तरह हमेशा साथ रहे सोनू भैया’
गिरिडीह/रांची: झारखंड सरकार के मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू के असामयिक निधन से गिरिडीह समेत पूरा झारखंड शोक में डूबा हुआ है। उनके निधन की खबर के बाद बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के नेता, जनप्रतिनिधि, समर्थक और आम लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह लोगों की भीड़ उमड़ी और माहौल बेहद भावुक नजर आया। सुदिव्य कुमार सोनू को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोगों की आंखों में अपने नेता और करीबी को खोने का दर्द साफ दिखाई दिया। राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर अलग-अलग दलों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। पूरे शहर में शोक, संवेदना और सम्मान का माहौल बना हुआ है।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
सुदिव्य सोनू के निधन की खबर से गिरिडीह शहर में शोक की लहर है। उनके अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। नगर भ्रमण के दौरान हर ओर उनके प्रति सम्मान और श्रद्धा का भाव दिखाई दिया। समर्थकों और आम लोगों की मौजूदगी में माहौल कई बार बेहद भावुक हो गया। लोगों ने नम आंखों से अपने नेता को अंतिम विदाई दी। सुदिव्य सोनू के समर्थकों और शुभचिंतकों के बीच उनके असमय चले जाने को लेकर गहरा दुख है। अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी भी इस बात का संकेत रही कि सार्वजनिक जीवन में सुदिव्य सोनू ने व्यापक स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी।

‘बड़े भाई की तरह हमेशा साथ रहे सोनू भैया’
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें अपना करीबी राजनीतिक साथी ही नहीं, बल्कि बड़े भाई जैसा बताया। हेमंत सोरेन ने कहा कि सोनू भैया उनके लिए केवल वरिष्ठ साथी या राजनीतिक सहकर्मी नहीं थे। उनका रिश्ता इससे कहीं अधिक गहरा था। वह हर कठिन समय में स्नेह, मार्गदर्शन और मजबूती के साथ उनके साथ खड़े रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू के साथ बिताए गए पल और उनसे मिली सीख हमेशा उनके साथ रहेंगी। उनके असमय निधन से व्यक्तिगत रूप से भी उन्हें गहरी क्षति हुई है।
झारखंड आंदोलन के दौर से शिबू सोरेन के साथ रहे
हेमंत सोरेन ने सुदिव्य कुमार सोनू के राजनीतिक सफर और झारखंड आंदोलन के दौर में उनकी भूमिका को भी याद किया। उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन के समय से ही सुदिव्य कुमार सोनू स्मृति-शेष दिशोम गुरु शिबू सोरेन के साथ पूरी निष्ठा और मजबूती से खड़े रहे। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सोनू भैया ने आंदोलन के दौर से लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा के राजनीतिक सफर तक पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता कायम रखी। उन्होंने संगठन और झारखंड से जुड़े मुद्दों के लिए लगातार काम किया।
JMM के समर्पित सिपाही थे सुदिव्य सोनू
हेमंत सोरेन ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक समर्पित सिपाही थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन झारखंड की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई को समर्पित कर दिया। सोनू की राजनीतिक सक्रियता केवल पद और राजनीति तक सीमित नहीं रही। झारखंड की पहचान, अधिकार और स्वाभिमान से जुड़े मुद्दों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता लगातार दिखाई देती रही। पार्टी के एक समर्पित कार्यकर्ता के तौर पर उन्होंने संगठन को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र को बड़ी क्षति
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी शोक की लहर है। उनके समर्थक और सहयोगी उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में याद कर रहे हैं, जिसने झारखंड से जुड़े सवालों और संगठन के प्रति अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाया। गिरिडीह में अंतिम दर्शन के दौरान लोगों की भावनाएं साफ दिखाई दीं। नगर भ्रमण के दौरान हर तस्वीर और हर चेहरे पर दिवंगत नेता के प्रति सम्मान, संवेदना और अपनों को खोने का दर्द नजर आया। सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की खबर से पूरा गिरिडीह शहर शोक में डूबा हुआ है। उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, जनप्रतिनिधि, समर्थक और बड़ी संख्या में आम लोग पहुंच रहे हैं। नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह लोगों की भीड़ नजर आई और हर तरफ दिवंगत नेता के प्रति सम्मान और श्रद्धा का भाव दिखाई दिया।

‘उनका साथ और सीख हमेशा साथ रहेगी’
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू से मिला स्नेह और मार्गदर्शन उनके जीवन में हमेशा महत्वपूर्ण रहेगा। उन्होंने कहा कि उनके साथ बिताए गए पल और उनसे मिली सीख को वह कभी नहीं भूल पाएंगे। सुदिव्य सोनू के निधन ने JMM कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों को गहरे सदमे में डाल दिया है। गिरिडीह से लेकर राज्य के अलग-अलग हिस्सों में उन्हें श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी है। उनके निधन को झारखंड के सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति के तौर पर देखा जा रहा है।
गिरिडीह में गमगीन माहौल, नम आंखों से अंतिम विदाई
सुदिव्य कुमार सोनू के अंतिम दर्शन के दौरान गिरिडीह में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही। समर्थकों और आम लोगों ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी और उनके परिवार के प्रति संवेदना जताई। एक ओर जहां शहर में उनके अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ा, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का भावुक संदेश उनके साथ रहे व्यक्तिगत रिश्ते और राजनीतिक सफर की गहराई को सामने लाता है। ‘सोनू भैया’ को खोने का दर्द अब गिरिडीह से लेकर पूरे झारखंड में महसूस किया जा रहा है।




