JPSC कार्यालय में CID और रांची पुलिस की संयुक्त छापेमारी, 14वीं परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों की जांच
रांची:झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के रांची स्थित कार्यालय में मंगलवार को सीआईडी और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पूरे आयोग परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में जांच टीम ने आयोग से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों और अभिलेखों की गहन जांच शुरू की। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई जेपीएससी कार्यालय में कथित अनियमितताओं से संबंधित शिकायतों के आधार पर की जा रही है। हालांकि, जांच एजेंसियों की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
भारी पुलिस बल की तैनाती
छापेमारी के दौरान सिटी एसपी के नेतृत्व में कई डीएसपी, इंस्पेक्टर और बड़ी संख्या में पुलिस बल आयोग परिसर में तैनात किया गया। पूरे परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई और जांच के दौरान केवल अधिकृत अधिकारियों को ही परिसर में आने-जाने की अनुमति दी गई। जांच टीम आयोग के विभिन्न विभागों से जुड़े रिकॉर्ड, फाइलों और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है।
14वीं JPSC परीक्षा के बाद उठे थे सवाल
गौरतलब है कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठे थे। अभ्यर्थियों ने विशेष रूप से कटऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए जाने पर आपत्ति जताई थी। इस मुद्दे को लेकर विभिन्न छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन भी किए थे। अभ्यर्थियों का आरोप था कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और परिणाम जारी करने की प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े हुए।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री से की गई थी शिकायत
परिणाम को लेकर असंतुष्ट अभ्यर्थियों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। उनका कहना था कि चयन प्रक्रिया से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसी क्रम में अब सीआईडी और रांची पुलिस की संयुक्त कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि जांच किस विशेष शिकायत या मामले के संबंध में की जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी स्थिति
फिलहाल जांच टीम दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में किसी प्रकार की अनियमितता के प्रमाण मिले हैं या नहीं। अधिकारियों की ओर से आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।




