सरला बिरला विश्वविद्यालय का ‘हरित ग्राम अभियान’ शुरू, 4 अगस्त तक लगाए जाएंगे 5,000 पौधे
रांची: पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने की दिशा में सरला बिरला विश्वविद्यालय (एसबीयू), रांची ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘हरित ग्राम अभियान’ का शुभारंभ किया है। विश्वविद्यालय के उन्नत भारत अभियान (UBA) प्रकोष्ठ और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के संयुक्त तत्वावधान में शुरू हुआ यह 17 दिवसीय पौधारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता अभियान 4 अगस्त तक चलेगा। इस अभियान का उद्देश्य केवल वृक्षारोपण करना ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से हरित भविष्य की नींव मजबूत करना है।
पांच गांवों और सड़क किनारे लगाए जाएंगे 5,000 पौधे
विश्वविद्यालय की ओर से इस अभियान के तहत अपने अंगीकृत गांवों आरा, बड़ाम, सिलवई, महिलोंग और हरातू सहित आरा गेट से महिलोंग तक सड़क किनारे लगभग 5,000 पौधे लगाए जाएंगे। अभियान का लक्ष्य हरियाली का विस्तार करना, जलवायु संतुलन बनाए रखने में योगदान देना और ग्रामीण समुदाय को पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाना है।
महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक ने किया शुभारंभ
अभियान का शुभारंभ विश्वविद्यालय के महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक ने पौधारोपण कर किया। इस अवसर पर उन्होंने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और लगाए गए पौधों के संरक्षण का संदेश देते हुए सभी से पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण छोड़ना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
कुलपति ने विद्यार्थियों से किया आह्वान
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सी. जगनाथन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा नैतिक दायित्व भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ-साथ सतत विकास (Sustainable Development) के उद्देश्य को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
पौधे लगाने के साथ संरक्षण भी जरूरी
उन्नत भारत अभियान के समन्वयक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण तभी संभव है जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सक्रिय भागीदारी निभाए। वहीं अमित नाथ चरण ने कहा कि किसी भी वृक्षारोपण अभियान की सफलता केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
विद्यार्थियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी
अभियान में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवक, छात्र-छात्राएं, ग्राम प्रतिनिधि तथा स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने पौधारोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने दी शुभकामनाएं
सरला बिरला विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान तथा राज्यसभा सांसद एवं निदेशक (प्लानिंग एंड डेवलपमेंट) डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने इस सामुदायिक अभियान के सफल आयोजन के लिए आयोजक मंडली को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज में हरित विकास की सोच को भी मजबूत करेगी।
विश्वविद्यालय का यह अभियान शिक्षा संस्थानों की सामाजिक जिम्मेदारी का एक उदाहरण है, जो पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक सहभागिता और सतत विकास के लक्ष्यों को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।






