झारखंड में 7 सितंबर को बंद रहेंगे सरकारी स्कूल-कॉलेज, सुदिव्य सोनू के निधन पर 2 दिन का राजकीय शोक
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद सरकार का फैसला, 6 और 7 सितंबर को राजकीय शोक
सरकारी संस्थानों में शैक्षणिक गतिविधियां रहेंगी बंद
रांची: झारखंड सरकार के मंत्री और गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद राज्य सरकार ने दो दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है। राजकीय शोक के मद्देनजर अब 7 सितंबर 2026 को राज्य के सभी सरकारी स्कूल और कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियां बंद रहेंगी। झारखंड शिक्षा परियोजना के निदेशक ने इसकी पुष्टि की है। सुदिव्य कुमार सोनू का 6 सितंबर की सुबह गिरिडीह के मर्सी अस्पताल में निधन हो गया था। उनके निधन की खबर से झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। रविवार को गिरिडीह में उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
7 सितंबर को सरकारी स्कूल-कॉलेज में नहीं होंगी शैक्षणिक गतिविधियां
राजकीय शोक के कारण सोमवार, 7 सितंबर को झारखंड के सभी सरकारी स्कूल और कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियां बंद रहेंगी। झारखंड शिक्षा परियोजना के निदेशक ने लगातार न्यूज से बातचीत में इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा घोषित राजकीय शोक को देखते हुए 7 सितंबर को सरकारी स्कूल और कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियां संचालित नहीं की जाएंगी। इस फैसले के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच स्कूल-कॉलेज बंद रहने को लेकर बनी स्थिति भी स्पष्ट हो गई है।
6 और 7 सितंबर को दो दिवसीय राजकीय शोक
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद झारखंड सरकार ने 6 और 7 सितंबर 2026 को दो दिवसीय राजकीय शोक मनाने का निर्णय लिया है। सरकार के फैसले के अनुसार इस अवधि में राज्य में किसी भी तरह के सरकारी समारोह का आयोजन नहीं किया जाएगा। सरकारी स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों को राजकीय शोक के मद्देनजर स्थगित रखा जाएगा।
सरकारी भवनों पर आधा झुका रहेगा राष्ट्रीय ध्वज
राजकीय शोक के दौरान राज्य के जिन सरकारी भवनों पर नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है, वहां राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।यह व्यवस्था 6 और 7 सितंबर को घोषित दो दिवसीय राजकीय शोक के दौरान लागू रहेगी। सरकार की ओर से दिवंगत मंत्री के सम्मान में यह निर्णय लिया गया है।



मर्सी अस्पताल में हुआ था सुदिव्य सोनू का निधन
सुदिव्य कुमार सोनू का 6 सितंबर की सुबह गिरिडीह स्थित मर्सी अस्पताल में निधन हुआ था। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया। मुख्यमंत्री ने सुदिव्य सोनू को अपना करीबी साथी बताते हुए उन्हें ‘सोनू भैया’ कहा था।
राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
सुदिव्य कुमार सोनू का अंतिम संस्कार रविवार को गिरिडीह के हरसिंहरायडीह श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उनके बेटे श्रेयश ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन समेत कई नेता, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पार्टी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम लोग शामिल हुए। मुख्यमंत्री समेत कई लोगों ने दिवंगत मंत्री की अर्थी को कंधा दिया। श्मशान घाट पहुंचने के बाद जवानों की ओर से सुदिव्य कुमार सोनू को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।
झारखंड में शोक का माहौल
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से पूरे झारखंड में शोक का माहौल है। सरकार के दो दिवसीय राजकीय शोक के फैसले के तहत सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और सरकारी समारोह आयोजित नहीं किए जाएंगे। वहीं, 7 सितंबर को सरकारी स्कूल-कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियां बंद रहने की पुष्टि शिक्षा विभाग की ओर से की गई है। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए सोमवार की स्थिति स्पष्ट हो गई है। सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से झारखंड ने एक सक्रिय जनप्रतिनिधि और मंत्री को खो दिया है। उनके योगदान और राजनीतिक जीवन को आने वाले समय में भी याद किया जाएगा।




