JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते का इस्तीफा मंजूर, राज्यपाल ने लगाई मुहर; CID छापेमारी के बाद लिया था फैसला
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते का इस्तीफा राज्यपाल संतोष गंगवार ने स्वीकार कर लिया है। मंगलवार देर रात उनके द्वारा सौंपे गए त्यागपत्र को मंजूरी मिलने के बाद इसे मुख्य सचिव के माध्यम से कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग को अधिसूचना जारी करने के लिए भेज दिया गया है। एल. ख्यांग्ते का इस्तीफा ऐसे समय स्वीकार किया गया है, जब JPSC की नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर कथित अनियमितताओं की जांच जारी है और हाल ही में आयोग के कार्यालय में CID एवं रांची पुलिस ने छापेमारी की थी।
इस्तीफे में क्या लिखा?
अपने त्यागपत्र में एल. ख्यांग्ते ने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान आयोग ने पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ काम किया। उन्होंने यह भी लिखा कि आयोग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि आयोग के कार्यालय में CID द्वारा की गई छापेमारी से वे बेहद आहत हुए हैं। उनका कहना है कि आयोग की निष्पक्षता और संस्थागत गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से उन्होंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
लंबे समय से विवादों में था JPSC
गौरतलब है कि JPSC की विभिन्न नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। आरोप लगाए गए थे कि परीक्षा संचालन का कार्य उत्तर प्रदेश की एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी को सौंपा गया था। इन आरोपों को लेकर सरकार को कई शिकायतें मिली थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर मामले की जांच शुरू की गई और CID तथा रांची पुलिस ने JPSC कार्यालय में छापेमारी की थी। जांच के दौरान कुछ अधिकारियों से पूछताछ भी की गई थी।
छापेमारी के बाद आया इस्तीफा
JPSC कार्यालय में CID की कार्रवाई के बाद ही एल. ख्यांग्ते के इस्तीफा देने की खबर सामने आई थी। अब राज्यपाल द्वारा इस्तीफा स्वीकार किए जाने के साथ ही उनके पद छोड़ने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से पूरी हो गई है। हालांकि, जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी है और परीक्षा से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



