धनबाद में ED का बड़ा एक्शन: अवैध कोयला कारोबार मामले में 100.44 करोड़ की संपत्ति जब्त, कई ठिकानों पर छापेमारी
धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले में कथित अवैध कोयला खनन और तस्करी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने पश्चिम बंगाल और झारखंड में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के लीज क्षेत्रों में कथित अवैध कोयला खनन और चोरी से जुड़े मामले की जांच के क्रम में ₹100.44 करोड़ की कथित अवैध संपत्ति जब्त करने की जानकारी दी है। इसके साथ ही धनबाद में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी भी की गई। रांची और कोलकाता से पहुंची ईडी की टीमों ने धनबाद जिले के कतरास, महुदा, लोयाबाद समेत कई इलाकों में एक साथ कार्रवाई की। छापेमारी के बाद संबंधित क्षेत्रों में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि जांच का दायरा अवैध कोयला कारोबार और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन तक फैला हुआ है।
कई ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने बाघमारा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व निर्दलीय प्रत्याशी रोहित यादव, झामुमो नेता हरेंद्र चौहान तथा कोयला कारोबारी अनिल गोयल से जुड़े परिसरों पर भी छापेमारी की। कपूरिया स्थित अनिल गोयल के कोक भट्ठा परिसर में कई घंटों तक जांच चलती रही। हालांकि, ईडी ने अभी तक इन व्यक्तियों के खिलाफ किसी प्रकार के आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। जांच जारी है और एजेंसी दस्तावेजों एवं अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।
दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य की जांच
सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान ईडी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और कुछ पेन ड्राइव मिले हैं। एजेंसी इन डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि कथित अवैध कोयला कारोबार से जुड़े नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन का पता लगाया जा सके। धनबाद जिले में अलग-अलग स्थानों पर ईडी की करीब दो दर्जन टीमें कार्रवाई में लगी रहीं।
अनूप मांझी उर्फ लाला गिरोह की भी जांच
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई कथित तौर पर अनूप मांझी उर्फ लाला से जुड़े नेटवर्क सहित एक दर्जन से अधिक लोगों और संस्थाओं से जुड़े मामलों की जांच का हिस्सा है। ईडी पहले भी इस मामले में कई बार छापेमारी और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई कर चुकी है।
ECL क्षेत्रों में अवैध खनन की जांच
ईडी की जांच पश्चिम बंगाल और झारखंड के ईसीएल लीज क्षेत्रों में कथित अवैध कोयला खनन, कोयला चोरी और उससे अर्जित आय के कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अवैध कारोबार के जरिए अर्जित धन का उपयोग किन-किन माध्यमों से किया गया।
जांच जारी, आधिकारिक जानकारी का इंतजार
फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है। एजेंसी की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान और छापेमारी के दौरान बरामद सामग्री का पूरा विवरण सामने आना बाकी है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





