14वीं JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में आज JPSC कार्यालय का घेराव करेगा भाजयुमो
रांची: 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) मंगलवार को झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) कार्यालय का घेराव करेगा। संगठन के आह्वान पर दोपहर 12:30 बजे जयपाल सिंह स्टेडियम से हजारों कार्यकर्ताओं के मार्च निकालने की घोषणा की गई है। यह मार्च जेपीएससी कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन और घेराव में तब्दील होगा। भाजयुमो ने दावा किया है कि 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों ने हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
परीक्षा प्रक्रिया पर उठाए सवाल
भाजयुमो का आरोप है कि 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। संगठन का कहना है कि यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा। भाजयुमो ने मांग की है कि परीक्षा से जुड़े सभी विवादों की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराई जाए तथा यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
जयपाल सिंह स्टेडियम से निकलेगा मार्च
संगठन की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार कार्यकर्ता दोपहर 12:30 बजे जयपाल सिंह स्टेडियम में एकत्र होंगे। इसके बाद वहां से मार्च निकालकर जेपीएससी कार्यालय पहुंचेंगे, जहां विरोध प्रदर्शन और घेराव किया जाएगा। भाजयुमो नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा
भाजयुमो के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। जेपीएससी कार्यालय और उसके आसपास के पूरे इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग भी की गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
गौरतलब है कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा के परिणाम के बाद परीक्षा प्रक्रिया को लेकर कई अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए थे। विशेष रूप से कटऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए जाने और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर विरोध दर्ज कराया गया था। अभ्यर्थियों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री से भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
इसी बीच हाल के दिनों में जेपीएससी कार्यालय में जांच एजेंसियों की कार्रवाई भी चर्चा में रही है। अब भाजयुमो का यह घेराव परीक्षा विवाद को लेकर राजनीतिक और जनस्तर पर बढ़ते दबाव के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, 14वीं जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के आरोपों पर आयोग की ओर से इस समाचार के प्रकाशन तक कोई नया आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।





