बोकारो पुलिस ने जिस्मफरोशी का अड्डा किया ध्वस्त, दो गिरफ्तार

Prostitution racket

को-ऑपरेटिव कॉलोनी के फ्लैट में चलता था धंधा, कोलकाता से मंगवाई जाती थीं लड़कियां

बोकारो : झारखंड के औद्योगिक शहर बोकारो से पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। को-ऑपरेटिव कॉलोनी की रिहायशी सोसायटी में पुलिस ने गुरुवार देर रात देह व्यापार के धंधे का पर्दाफाश किया है। इस दौरान पुलिस ने एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के अनुसार, पुलिस को लगातार शिकायत मिल रही थी कि को-ऑपरेटिव कॉलोनी में किराए के मकान से देह व्यापार का कारोबार चल रहा है। इस सूचना के बाद सिटी डीएसपी आलोक रंजन और सिटी इंस्पेक्टर सुदामा कुमार दास के नेतृत्व में टीम बनाई गई। गुरुवार की रात को पुलिस ने आवास संख्या 155 पर छापेमारी की और मौके से आपत्तिजनक सामग्री के साथ दो मोबाइल फोन जब्त किए।

लंबे समय से मिल रही थी शिकायत
बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने बताया कि उन्हें लगातार इस इलाके से जिस्मफरोशी के कारोबार की सूचना मिल रही थी। कई बार दबिश दी गई, लेकिन आरोपी पुलिस की पकड़ में नहीं आ पा रहे थे। गुरुवार को मिली पुख्ता जानकारी के बाद पुलिस टीम ने गुप्त तरीके से घेराबंदी कर फ्लैट में छापा मारा। छापेमारी में किरायेदार शनि कुमार और कोलकाता के खिदिरपुर की रहने वाली निखत परवीन को गिरफ्तार किया गया।

कोलकाता से बुलायी जाती थीं लड़कियां
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। गिरफ्तार शनि कुमार ने बताया कि इस फ्लैट को खासतौर पर जिस्मफरोशी का धंधा चलाने के लिए किराए पर लिया गया था। इसके लिए कोलकाता से लड़कियां बुलायी जाती थीं और स्थानीय ग्राहकों को उनकी मांग के मुताबिक उपलब्ध कराया जाता था। निखत परवीन ने भी पुलिस के सामने माना कि वह इस नेटवर्क का हिस्सा है और खुद लड़कियों की सप्लाई करने का काम करती है।

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ग्राहकों को होती थी सीधी सप्लाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह रैकेट काफी सुनियोजित तरीके से चलता था। ग्राहकों की डिमांड के आधार पर लड़कियों को कोलकाता से बुलाकर यहां फ्लैट में ठहराया जाता था और फिर सीधे डील की जाती थी। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि इस गिरोह के तार राज्य के अन्य जिलों और पश्चिम बंगाल के कई शहरों से जुड़े हो सकते हैं।

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छापेमारी दल में शामिल अधिकारी
इस छापेमारी अभियान में सिटी डीएसपी आलोक रंजन, सिटी इंस्पेक्टर संदीप कुमार दास, सेक्टर 6 थाना प्रभारी संगीता कुमारी, पुलिस अवर निरीक्षक अनिल कुमार गुप्ता, सहायक अवर निरीक्षक अमर कुमार यादव, आरक्षी सिद्धेश्वर, चंद्रावती, राजीव, विजय, योगेंद्र और प्रफुल्ल शामिल थे। पुलिस ने फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

आगे की जांच जारी
एसपी हरविंदर सिंह ने बताया कि यह सिर्फ एक फ्लैट का मामला नहीं है, बल्कि एक बड़े रैकेट का हिस्सा हो सकता है। पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। मोबाइल फोन से बरामद कॉल डिटेल रिकॉर्ड और चैट्स को खंगाला जा रहा है। आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

आम लोगों की चिंता
रिहायशी इलाके में इस तरह के धंधे के पकड़े जाने से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। को-ऑपरेटिव कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि लंबे समय से उन्हें कुछ संदिग्ध गतिविधियों पर शक था, लेकिन इस तरह खुलेआम देह व्यापार चल रहा है, यह देखकर वे चौंक गए हैं।

पुलिस का कड़ा संदेश
पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि बोकारो में इस तरह के अवैध धंधों को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिस तरह से लगातार शिकायतें मिल रही थीं और अब कार्रवाई हुई है, उससे अपराधियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि पुलिस सख्ती से निपटेगी।

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