JPSC-JSSC भर्ती घोटाले के खिलाफ छात्रों का आर-पार का ऐलान, मोराबादी में शुरू हुआ अनिश्चितकालीन सत्याग्रह
CBI जांच, विवादित परीक्षाएं रद्द करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज
25 जुलाई से मोराबादी में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इसका दायरा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं तक भी पहुंचता दिखाई दे रहा है। CID की कार्रवाई, गिरफ्तारी और परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी की भूमिका पर उठे सवालों के बीच अब छात्रों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
“JSSC-JPSC भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती महाअभियान” के बैनर तले छात्र संगठनों ने घोषणा की है कि 25 जुलाई से रांची के मोराबादी स्थित बापू वाटिका में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह धरना शुरू किया जाएगा। छात्रों का कहना है कि जब तक कथित विवादित भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच शुरू नहीं होती और परीक्षा रद्द करने सहित ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंदोलन का ऐलान
रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में छात्र नेताओं ने कहा कि JPSC परीक्षा की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका दावा है कि अब JSSC की कुछ परीक्षाओं को लेकर भी अभ्यर्थियों के बीच संदेह गहरा गया है। छात्रों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं के संचालन में ऐसी एजेंसी की भूमिका सामने आई है जिसे पहले ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था। साथ ही एजेंसी के अधिकारियों की गिरफ्तारी और जांच एजेंसियों की कार्रवाई ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
CID की कार्रवाई के बाद तेज हुआ आंदोलन
हाल के दिनों में CID ने JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में कई स्थानों पर छापेमारी की है। जांच एजेंसी ने परीक्षा संचालन से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। मामले में उप परीक्षा नियंत्रक सहित कई लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। इसी घटनाक्रम के बाद छात्र संगठनों ने आंदोलन को और तेज करने का फैसला लिया है।
छात्रों की प्रमुख मांगें
छात्र संगठनों ने राज्य सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं—
- JPSC और JSSC की कथित विवादित परीक्षाओं की CBI से जांच कराई जाए।
- जांच पूरी होने तक संबंधित भर्ती प्रक्रियाओं पर उचित निर्णय लिया जाए।
- कथित रूप से प्रभावित परीक्षाओं को रद्द कर निष्पक्ष तरीके से पुनः आयोजित किया जाए।
- भर्ती प्रक्रिया में शामिल दोषी अधिकारियों एवं एजेंसियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
- भविष्य की सभी नियुक्ति परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
25 जुलाई से मोराबादी में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह
छात्र नेता दीनबंधु मंडल ने कहा कि आंदोलन के पहले चरण के तहत 25 जुलाई से बापू वाटिका, मोराबादी में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू होगा। इसकी सूचना जिला प्रशासन को भी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को पूरे राज्य में विस्तारित किया जाएगा।
छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता
भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की खबरों के बाद हजारों अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
छात्र नेताओं का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में विश्वास बहाल करने के लिए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आवश्यक है।
प्रेस वार्ता में ये रहे मौजूद
मीडिया से बातचीत के दौरान राम अवतार महतो, दीनबंधु मंडल, बृजभूषण झा, संदीप कुमार गुप्ता, रवि कुमार और संजय साहू सहित अन्य छात्र प्रतिनिधि मौजूद रहे।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक राज्य सरकार, JPSC या JSSC की ओर से छात्रों के सत्याग्रह और नई मांगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई पर राज्यभर के अभ्यर्थियों की नजर बनी हुई है।






