डीएवी नंदराज में श्रीकृष्ण कथा का चौथा दिन, आचार्य कुलदीप ने बताया क्यों आज भी प्रासंगिक है कृष्ण का जीवन दर्शन

Shri Krishna Katha

रांची: आर्य ज्ञान प्रचार समिति रांची द्वारा संचालित सीनियर सिटीजन होम के तत्वावधान में डीएवी नंदराज पब्लिक स्कूल, बरियातू रोड में आयोजित संगीतमयी श्रीकृष्ण कथा के चौथे दिन गुरुवार को श्रद्धालुओं और गणमान्य लोगों की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित हुआ। कथा का वाचन प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य कुलदीप जी ने किया। इस दौरान उन्होंने श्रीकृष्ण के व्यक्तित्व, जीवन दर्शन और उनके आदर्शों को आधुनिक जीवन के लिए प्रासंगिक बताया। आयोजकों के अनुसार, संगीतमयी श्रीकृष्ण कथा का आयोजन 12 सितंबर तक प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक होगा। वहीं 13 सितंबर को कथा का आयोजन सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया जाएगा।

यज्ञ के साथ हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की यज्ञशाला में यज्ञ के साथ हुई। आचार्य कुलदीप जी ने यज्ञ संपन्न कराया और यजमानों को आशीर्वाद प्रदान किया। इसके बाद कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष आर्य ज्ञान प्रचार समिति रांची के प्रधान एसएल गुप्ता तथा आर्य समाज रांची की संरक्षिका श्रीमती सुशीला गुप्ता का स्वागत किया गया। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने आचार्य कुलदीप जी और उनके साथ आए संगीतकारों का पुष्पमालाओं से स्वागत किया। इसके बाद दीप प्रज्वलित कर कथा कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर श्री गुप्ता, प्राचार्य डॉ. रवि प्रकाश तिवारी के साथ वृद्धाश्रम के पुरुष वर्ग के सदस्यों और अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित किया।

WhatsApp Image 2026 09 10 at 7.29.47 PM

कृष्ण के जीवन प्रसंगों के जरिए बताया कर्म और धर्म का संदेश
कथा के दौरान आचार्य कुलदीप जी ने श्रीकृष्ण के जीवन के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने कंस वध, गुरु संदीपनी के आश्रम में शिक्षा, जरासंध के लगातार आक्रमण और मथुरा से द्वारका तक की यात्रा के प्रसंगों को कथा के माध्यम से प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का व्यक्तित्व केवल एक धार्मिक कथा तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके जीवन में योग, संयम, रणनीति, कर्तव्य और समाज के प्रति जिम्मेदारी जैसे अनेक आयाम दिखाई देते हैं। कथा के दौरान उन्होंने श्रीकृष्ण और कालयवन तथा जरासंध से जुड़े प्रसंगों का भी वर्णन किया। आचार्य कुलदीप जी ने श्रीकृष्ण के रुक्मिणी विवाह और उनके जीवन से जुड़े अन्य प्रसंगों को भी विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन आर्यावर्त की रक्षा और समाज के हित के लिए किए गए प्रयासों का संदेश देता है।

WhatsApp Image 2026 09 10 at 7.29.48 PM edited
Adiwasi Mahotsav

आधुनिक जीवन के लिए प्रेरणा लेने का आह्वान
कथावाचक ने कहा कि श्रीकृष्ण की कथा को केवल धार्मिक प्रसंग के रूप में सुनना पर्याप्त नहीं है। उनके जीवन से समय और परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय लेने, कर्तव्य निभाने तथा समाज के लिए उपयोगी कार्य करने की प्रेरणा ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन में व्यक्ति और समाज दोनों के लिए महत्वपूर्ण संदेश हैं। कथा का उद्देश्य केवल कथा श्रवण नहीं, बल्कि जीवन में अच्छे विचारों और आदर्शों को अपनाने का संकल्प लेना भी है।

Maa RamPyari Hospital

munadi live whattsapp banne.jpg

कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में श्री सुनील गुप्ता, श्रीमती निशा, श्री दिवाकर देव, कृषि विश्वविद्यालय से श्री सिद्धार्थ, श्रीमती नेहा सिंह, श्रीमती पूर्णिमा सिंह, सुश्री भाव्या सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में शांति पाठ किया गया और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण हुआ। इसके साथ ही शाम सात बजे चौथे दिन की कथा का समापन हुआ।

WhatsApp Image 2026 09 10 at 7.29.47 PM 2

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *