रांची में सेना भर्ती के नाम पर लाखों की ठगी, मिलिट्री इंटेलिजेंस और पुलिस ने आरोपी को दबोचा
सेना, MES और रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से वसूली
होटल से गिरफ्तार गौतम कुमार के ठिकाने से फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद
रांची: राजधानी रांची में सेना, मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (MES) और रेलवे में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से लाखों रुपये की कथित ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। कोलकाता मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिले इनपुट के आधार पर रांची पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गौतम कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे रिंग रोड स्थित एक होटल से पकड़ा। आरोपी रांची के सदर थाना क्षेत्र स्थित आरटीसी स्कूल, लवकुश टावर का रहने वाला बताया गया है। पुलिस के अनुसार, उसके ठिकाने से सेना और MES से संबंधित बड़ी संख्या में फर्जी नियुक्ति पत्र और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
सेना में नौकरी का झांसा देकर युवाओं को बनाया निशाना
पुलिस के अनुसार, आरोपी सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को अपना निशाना बनाता था। सेना, MES और रेलवे में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे मोटी रकम ली जाती थी। इसके बाद युवाओं को भरोसे में लेने के लिए सेना या MES में नियुक्ति से संबंधित फर्जी दस्तावेज और नियुक्ति पत्र दिखाए जाते थे। इससे उम्मीदवारों को लगता था कि उनकी भर्ती प्रक्रिया वास्तव में आगे बढ़ रही है। जांच में ऐसे कई युवाओं के कथित तौर पर इस ठगी का शिकार होने की जानकारी सामने आई है।
ठिकाने से मिले फर्जी नियुक्ति पत्र और दस्तावेज
संयुक्त टीम की कार्रवाई के दौरान आरोपी के ठिकाने से बड़ी संख्या में ऐसे दस्तावेज मिले, जिनका संबंध सेना और मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस से बताया जा रहा है। पुलिस की शुरुआती जांच में इनमें से कई कागजात फर्जी पाए गए हैं। आरोप है कि इन दस्तावेजों के जरिए युवाओं को भर्ती प्रक्रिया के वास्तविक होने का विश्वास दिलाया जाता था। अब पुलिस बरामद दस्तावेजों की विस्तृत जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्हें कहां और किस तरह तैयार किया जाता था।
शिकायतकर्ता से लिए गए 6.50 लाख रुपये
मामले में शिकायतकर्ता योगेश कुमार ने ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से आरोपी को 6.50 लाख रुपये दिए थे। आरोप है कि यह रकम नौकरी दिलाने के नाम पर ली गई थी। मामले की प्राथमिकी में गौतम कुमार के अलावा चंदन कुमार सिंह और मृत्युंजय कुमार के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस दोनों की भूमिका की जांच कर रही है और उनकी तलाश में जुटी है।
गिरोह में और कितने लोग? जांच में जुटी पुलिस
गौतम कुमार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस कथित गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं, फर्जी नियुक्ति पत्र और अन्य दस्तावेज कहां तैयार किए जाते थे और अब तक कितने युवाओं से पैसे लिए गए हैं। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या गिरोह के तार रांची के बाहर भी जुड़े हुए हैं और क्या सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी के लिए किसी बड़े नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा रहा था। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है। उसके बयानों और बरामद दस्तावेजों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।





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