BRICS सम्मेलन और गुजरात सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी, देवघर से संदिग्ध युवक हिरासत में
ई-मेल के जरिए दी गई थी धमकी, गुजरात पुलिस के सुराग देवघर तक पहुंचे
हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ जारी
देवघर: BRICS सम्मेलन और गुजरात के गांधीनगर स्थित सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले की जांच अब झारखंड के देवघर तक पहुंच गई है। गुजरात पुलिस की एक टीम जांच के सिलसिले में देवघर पहुंची और नगर थाना क्षेत्र से एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया है। युवक से पूछताछ की जा रही है और पुलिस उसके कथित कनेक्शन को लेकर सुराग जुटाने में लगी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गुजरात पुलिस और देवघर पुलिस के अधिकारी फिलहाल जांच से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने से बच रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हिरासत में लिए गए युवक का धमकी भेजने के मामले से कोई सीधा संबंध है या नहीं।
ई-मेल के जरिए दी गई थी धमकी
सूत्रों के अनुसार, BRICS सम्मेलन और गांधीनगर सचिवालय को लेकर धमकी ई-मेल के जरिए भेजी गई थी। इस मामले में गुजरात के गांधीनगर थाने में 10 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले की जांच शुरू होने के बाद गुजरात पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान सामने आए कथित सुरागों के आधार पर जांच टीम देवघर पहुंची।
सुरागों के आधार पर देवघर में कार्रवाई
गुजरात पुलिस ने देवघर के नगर थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक युवक को हिरासत में लिया। इसके बाद उससे पूछताछ शुरू की गई। जांच टीम धमकी भेजने में इस्तेमाल किए गए ई-मेल, डिजिटल गतिविधियों और अन्य तकनीकी सुरागों की पड़ताल कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हिरासत में लिए गए युवक की भूमिका क्या है और क्या वह धमकी भेजने वाले व्यक्ति या किसी नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। हालांकि, अभी तक पुलिस की ओर से युवक की पहचान या उसकी कथित भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
देवघर पुलिस ने साधी चुप्पी
मामला गुजरात के सचिवालय और BRICS सम्मेलन जैसी संवेदनशील जगहों से जुड़ा होने के कारण पुलिस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से ले रही है। देवघर में गुजरात पुलिस की मौजूदगी और संदिग्ध युवक को हिरासत में लिए जाने के बाद स्थानीय स्तर पर भी जांच गतिविधियां तेज हुई हैं। हालांकि, जांच प्रभावित न हो और महत्वपूर्ण सुराग सार्वजनिक न हों, इसे देखते हुए अधिकारी फिलहाल आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं कर रहे हैं।
ई-मेल और डिजिटल सुरागों की होगी अहम भूमिका
पूरे मामले में धमकी के लिए इस्तेमाल किए गए ई-मेल और उससे जुड़े डिजिटल सुराग जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जा रहे हैं। पुलिस तकनीकी जानकारी के आधार पर धमकी भेजने वाले तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। देवघर से युवक को हिरासत में लिया जाना इस जांच में सामने आया एक अहम घटनाक्रम है। अब उससे पूछताछ के बाद पुलिस को क्या जानकारी मिलती है और क्या इस मामले में किसी बड़े नेटवर्क का खुलासा होता है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल युवक को केवल संदिग्ध के तौर पर हिरासत में लिया गया है। उसकी भूमिका या किसी अपराध में संलिप्तता की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।




