झारखंड में फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट की स्थापना की दिशा में बड़ा कदम, सूचना भवन से शुरू होंगे कोर्स
रांची: झारखंड में फिल्म, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया शिक्षा को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार ने झारखंड फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (JFTI) की स्थापना की दिशा में प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत रांची स्थित सूचना भवन से संस्थान का संचालन शुरू करने की तैयारी चल रही है। गुरुवार को सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI), कोलकाता के कुलपति समीरन दत्ता अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ सूचना भवन पहुंचे और वहां उपलब्ध संसाधनों तथा बुनियादी सुविधाओं का निरीक्षण किया। यह पहल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में 22 जुलाई 2026 को झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (JFDCL) और SRFTI के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के बाद आगे बढ़ाई जा रही है।
सूचना भवन से होगी JFTI की शुरुआत
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों और SRFTI की टीम के बीच हुई बैठक में संस्थान की स्थापना, पाठ्यक्रमों की रूपरेखा, बुनियादी ढांचे और तकनीकी आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने सूचना भवन में उपलब्ध कक्षों और अन्य सुविधाओं का निरीक्षण कर यह आकलन किया कि शुरुआती चरण में यहां से संस्थान का संचालन किस प्रकार किया जा सकता है। सरकार की योजना है कि स्थायी परिसर बनने तक सूचना भवन से ही प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं।
पहले चरण में शुरू होंगे शॉर्ट टर्म कोर्स
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक आनंद ने बताया कि JFTI के शुरुआती चरण में विद्यार्थियों और कामकाजी युवाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शॉर्ट-ड्यूरेशन कोर्स शुरू किए जाएंगे। इन कोर्सों में Part-time, Full-time और Evening Classes की सुविधा उपलब्ध होगी। कोर्स की अवधि एक, दो, तीन और छह महीने तक रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल SRFTI के तकनीकी सहयोग से विभाग के मौजूदा संसाधनों का उपयोग करते हुए जल्द से जल्द इन अल्पकालिक पाठ्यक्रमों की शुरुआत करने का प्रयास किया जा रहा है।
युवाओं को मिलेगा विश्वस्तरीय प्रशिक्षण
SRFTI के कुलपति समीरन दत्ता ने कहा कि झारखंड फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट राज्य के युवाओं के लिए एक नया अवसर लेकर आएगा। विशेष रूप से मास मीडिया, फिल्म और टेलीविजन में करियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि संस्थान में निम्नलिखित विषयों में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा—
- साउंड डिजाइनिंग
- फिल्म एडिटिंग
- एनिमेशन
- स्क्रिप्ट एवं स्क्रीनप्ले राइटिंग
- सिनेमैटोग्राफी
- फिल्म डायरेक्शन
- फिल्म प्रोडक्शन
इन सभी पाठ्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना होगा।
SRFTI देगा हर तकनीकी सहयोग
समीरन दत्ता ने कहा कि SRFTI, JFTI की स्थापना में हर संभव तकनीकी सहयोग देगा। संस्थान के ब्लूप्रिंट तैयार करने, क्लासरूम डिजाइन, स्टूडियो की रूपरेखा, तकनीकी उपकरणों की व्यवस्था और गेस्ट फैकल्टी उपलब्ध कराने जैसे सभी पहलुओं में SRFTI सहयोग करेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि संस्थान पूरी तरह शुरू होने के बाद राज्य के मीडियाकर्मियों के लिए भी शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए जाएं, ताकि वे आधुनिक फिल्म, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें।
फिल्म एप्रिशिएशन कोर्स से होगी शुरुआत
SRFTI के कुलपति ने यह भी सुझाव दिया कि झारखंड में स्वस्थ फिल्म संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से शुरुआत फिल्म एप्रिशिएशन कोर्स से की जाए। इससे युवाओं के साथ-साथ मीडिया और फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों को सिनेमा की तकनीकी और कलात्मक समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा।
कई अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक शाहिद आलम, राशिद अख्तर, बीरू कुशवाहा, सुनीता धान, अभय कुमार सहित SRFTI के एसोसिएट प्रोफेसर नीलाजन बनर्जी और प्रोफेसर इंद्रनील मुखर्जी भी उपस्थित रहे। झारखंड सरकार की यह पहल राज्य में फिल्म उद्योग, मीडिया शिक्षा और रचनात्मक रोजगार के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।






