JPSC-JSSC बहाली विवाद: छात्रों का सत्याग्रह जयपाल सिंह स्टेडियम शिफ्ट
आज निकलेगा संविधान मार्च; JLKM ने दिया समर्थन
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की बहाली प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का सत्याग्रह आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। छात्र पूरे दिन रांची के मोरहाबादी मैदान में डटे रहे और भर्ती प्रक्रियाओं की सीबीआई जांच की मांग दोहराई। हालांकि, मोरहाबादी मैदान में डूरंड कप के आयोजन और प्रशासनिक अनुमति नहीं मिलने के कारण आंदोलन स्थल को अब जयपाल सिंह स्टेडियम के समीप स्थानांतरित कर दिया गया है। बुधवार से छात्र वहीं से अपना आंदोलन जारी रखेंगे। इसके लिए नए स्थल पर टेंट भी लगाया गया है।
आज निकलेगा संविधान मार्च
छात्र संगठनों ने 29 जुलाई को संविधान मार्च निकालने की घोषणा की है। यह मार्च दोपहर 3 बजे जयपाल सिंह स्टेडियम परिसर से शुरू होगा और अल्बर्ट एक्का चौक तक जाएगा। छात्रों ने बताया कि मार्च के दौरान प्रतिभागी भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ करेंगे और राज्य सरकार से भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच तथा न्याय की मांग करेंगे।
“चार दिन से आंदोलन पर हैं छात्र”
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि छात्र पिछले चार दिनों से सत्याग्रह पर बैठे हैं, लेकिन अब तक राज्य सरकार की ओर से कोई मंत्री या वरिष्ठ अधिकारी उनसे मिलने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग है कि JPSC और JSSC भर्ती प्रक्रियाओं में सामने आए कथित मामलों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए।
JLKM ने समर्थन का किया ऐलान
इधर, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) की केंद्रीय समिति की बैठक धनबाद के तोपचांची में आयोजित हुई। बैठक के बाद पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष और डुमरी विधायक जयराम महतो ने कहा कि उनकी पार्टी छात्रों की संविधान पदयात्रा का समर्थन करेगी। उन्होंने बताया कि बुधवार को आयोजित मार्च में JLKM के कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
मानसून सत्र में बड़े आंदोलन की तैयारी
जयराम महतो ने कहा कि आगामी विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान भी JLKM, JPSC और JSSC भर्ती मामलों को लेकर बड़े आंदोलन की रणनीति बनाएगी। पार्टी का कहना है कि युवाओं की मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाया जाएगा।
JPSC विवाद पर जांच भी जारी
गौरतलब है कि इसी बीच JPSC परीक्षा से जुड़े कथित अनियमितताओं की जांच CID द्वारा की जा रही है। मामले में आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते सहित कई अधिकारियों से पूछताछ की जा चुकी है। हालांकि जांच अभी जारी है और किसी भी मामले में अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।





