खूंटी में पेट्रोल पंप पर फायरिंग, PLFI के नाम पर 10 लाख की लेवी की मांग; CCTV में कैद हुए नकाबपोश
भगत सिंह चौक पर बाइक सवार दो अपराधियों ने चलाई गोली,स्थानीय गिरोह पर भी पुलिस को शक
पर्चा फेंककर दो दिन में रकम पहुंचाने का फरमान
खूंटी: जिले में हथियारबंद अपराधियों ने बुधवार देर रात शहर के बीचों-बीच भगत सिंह चौक स्थित व्यवसायी और संवेदक अमित साहू के पेट्रोल पंप पर फायरिंग कर दहशत फैला दी। बाइक सवार दो नकाबपोश अपराधियों ने पेट्रोल पंप परिसर में एक राउंड गोली चलाई और प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन PLFI के नाम से पर्चा फेंककर फरार हो गए। फायरिंग के बाद पेट्रोल पंप पर मौजूद कर्मचारियों और ग्राहकों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, गोली किसी व्यक्ति को नहीं लगी। वारदात के बाद दोनों अपराधी तोरपा रोड की ओर भाग निकले।
दो दिनों में 10 लाख रुपये पहुंचाने का फरमान
घटना बुधवार रात करीब 9:30 बजे की बताई जा रही है। वारदात के समय पेट्रोल पंप संचालक अमित साहू मौके पर मौजूद नहीं थे। अपराधियों द्वारा मौके पर छोड़े गए पर्चे में PLFI के कथित जोनल कमांडर राजेश यादव के नाम का उल्लेख किया गया है। पर्चे में संगठन को सहयोग राशि के तौर पर 10 लाख रुपये देने की मांग की गई है। बताया गया है कि अपराधियों ने दो दिनों के भीतर रकम पहुंचाने का फरमान जारी किया और रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी है।
पहले भी मिल चुकी है धमकी
व्यवसायी अमित साहू ने बताया कि उन्हें इससे पहले भी मार्च-अप्रैल के दौरान PLFI के नाम पर दो-तीन बार धमकियां मिल चुकी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ वर्ष पहले परवल स्थित उनके आवास पर हमला किया गया था। बुधवार रात पेट्रोल पंप पर हुई फायरिंग और कथित लेवी की मांग की जानकारी उन्होंने पुलिस को दे दी है। लगातार धमकियों के बाद पेट्रोल पंप पर हुई फायरिंग ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
मौके से खोखा और पर्चा बरामद
घटना की सूचना मिलते ही SDPO मंगल सिंह जमुदा और सदर थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह सशस्त्र बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और वहां से एक खोखा और PLFI के नाम से फेंका गया पर्चा बरामद किया। पुलिस ने पेट्रोल पंप में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली। पुलिस के अनुसार, फुटेज में दोनों अपराधी गोली चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। दोनों ने अपने चेहरे गमछे से ढक रखे थे, जिससे उनकी पहचान में परेशानी हो रही है।

PLFI के नाम का इस्तेमाल कर रहा स्थानीय गिरोह?
पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या वास्तव में घटना के पीछे PLFI से जुड़े अपराधी हैं या फिर किसी स्थानीय आपराधिक गिरोह ने दहशत और वसूली के लिए PLFI के नाम का इस्तेमाल किया है। सदर थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह के अनुसार, खूंटी क्षेत्र में PLFI की गतिविधियां काफी कम हो चुकी हैं और संगठन के अधिकांश प्रमुख उग्रवादी जेल में हैं। ऐसे में पुलिस को स्थानीय आपराधिक गिरोह की भूमिका की भी आशंका है। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है और सभी संभावित पहलुओं से जांच की जा रही है।
CCTV के आधार पर अपराधियों की तलाश
घटना के बाद पुलिस ने इलाके में नाकेबंदी कर अपराधियों की तलाश शुरू कर दी है। CCTV फुटेज और घटनास्थल से बरामद साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि दोनों अपराधी किस रास्ते से पेट्रोल पंप तक पहुंचे और घटना के बाद किस दिशा में फरार हुए।
फायरिंग से दहशत, जांच जारी
शहर के बीचों-बीच पेट्रोल पंप पर गोली चलने की घटना से इलाके में दहशत का माहौल है। फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन 10 लाख रुपये की कथित लेवी मांग और फायरिंग को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। अब जांच का मुख्य फोकस अपराधियों की पहचान, PLFI के नाम से जारी पर्चे की सत्यता और इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क का पता लगाने पर है।






