सहारा घोटाले पर झामुमो का हमला: बीजेपी के वादों को बताया ‘जुमला’, निवेशकों के न्याय की मांग

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हाल ही में भारतीय जनता पार्टी ने एक विज्ञापन के माध्यम से सहारा में निवेश किए गए लोगों के पैसे वापस दिलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने इस पर कड़ा आक्रोश जताते हुए इसे निवेशकों के साथ एक और छलावा करार दिया है। झामुमो के नेताओं का कहना है कि बीजेपी के सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में यह विभाग इस घोटाले से सीधे जुड़ा हुआ है, फिर भी अब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिल सका है।

डेढ़ करोड़ लोग बने सहारा घोटाले के शिकार, 20 हजार करोड़ का फंसा पैसा

झारखंड में करीब डेढ़ करोड़ लोग इस घोटाले का शिकार हो चुके हैं, जिनके लगभग 20 हजार करोड़ रुपये सहारा में फंसे हुए हैं। यह पैसा वापस नहीं मिलने के कारण कई लोगों की जीवन भर की जमा पूंजी लूट ली गई, और बीजेपी केवल विज्ञापनों के माध्यम से झूठे वादे कर रही है। झामुमो ने यह सवाल उठाया कि जब सहकारिता मंत्रालय अमित शाह के अधीन है, तो आखिर इस घोटाले की जिम्मेदारी कौन लेगा?

अमित शाह का वादा, सुप्रीम कोर्ट का आदेश, लेकिन अब तक कोई राहत नहीं
अमित शाह ने जुलाई 2023 में निवेशकों को उनके पैसे वापस दिलाने का वादा किया था, लेकिन हकीकत में इसके लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भी निवेशकों को उनका पैसा नहीं मिल पाया है। झामुमो का आरोप है कि सहारा में निवेश करने वालों के रजिस्ट्रेशन के नाम पर 99% लोगों के आवेदन खारिज कर दिए गए हैं, और उन्हें सहारा का निवेशक मानने से इंकार कर दिया गया है।

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निवेशकों की हो रही आत्महत्याएं, लेकिन बीजेपी के वादे ‘जुमले’ से आगे नहीं
झामुमो ने दावा किया कि सहारा घोटाले की वजह से कई निवेशक अपनी पूरी पूंजी गंवाने के बाद आत्महत्या तक कर चुके हैं। कुछ ने सदमे में अपनी जान गंवा दी, और यह स्थिति तब है जब बीजेपी बार-बार निवेशकों को पैसा वापस देने का आश्वासन दे रही है। झामुमो ने इसे बीजेपी की ‘जुमलों की बरसात’ बताया और कहा कि गरीबों का पैसा हड़पने में बीजेपी माहिर है।

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झामुमो का वादा: हर स्तर पर लड़ाई में आपके साथ

झामुमो ने पीड़ित निवेशकों को आश्वासन दिया है कि वे हर स्तर पर उनकी लड़ाई में उनके साथ हैं। झामुमो नेताओं ने कहा कि सहारा घोटाले का समाधान केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय से होना है, लेकिन बीजेपी विभिन्न राज्यों में लोगों को बदल-बदलकर भ्रामक बातें कह रही है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने वाले कई निवेशकों के आवेदन को खारिज कर दिया गया, और उन्हें निवेशक मानने से इनकार कर दिया गया है।

झामुमो ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और बीजेपी को घेरते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि निवेशकों के साथ किए गए वादों को पूरा किया जाए।

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