RCS-UDAN योजना से झारखंड को बड़ी सौगात: 6 हवाई अड्डों का चयन, देवघर और जमशेदपुर से उड़ान शुरू, बोकारो-दुमका तैयार
राज्यसभा में केंद्र सरकार ने दी जानकारी
रांची/नई दिल्ली: केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना – उड़े देश का आम नागरिक (RCS-UDAN) के तहत झारखंड के छह हवाई अड्डों को विकास के लिए चुना गया है। राज्यसभा में नागरिक विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने सांसद परिमल नथवाणी के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि राज्य के बोकारो, दुमका, जमशेदपुर, हजारीबाग, देवघर और डाल्टनगंज हवाई अड्डे इस योजना में शामिल किए गए हैं।यह जानकारी झारखंड में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने और राज्य के आर्थिक एवं पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
छह एयरपोर्ट को मिला उड़ान योजना का लाभ
केंद्र सरकार के अनुसार, चयनित छह हवाई अड्डों में से जमशेदपुर और देवघर हवाई अड्डे पहले से परिचालनरत हैं। वहीं बोकारो और दुमका हवाई अड्डों का विकास कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि हजारीबाग और डाल्टनगंज हवाई अड्डों का विकास अभी लंबित है। नागरिक विमानन राज्य मंत्री ने बताया कि इन दोनों परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार की ओर से अब तक आवश्यक भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिसके कारण आगे की प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
झारखंड में एयरपोर्ट विकास पर ₹122.04 करोड़ स्वीकृत
राज्यसभा में दिए गए जवाब के अनुसार, पिछले वर्षों में झारखंड में हवाई अड्डा अवसंरचना विकास के लिए ₹122.04 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई। इसके मुकाबले अब तक ₹117.61 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। यह राशि क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने, आधारभूत संरचना विकसित करने और छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने के उद्देश्य से खर्च की गई है।
सांसद परिमल नथवाणी ने पूछा था सवाल
राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी ने केंद्र सरकार से पूछा था कि क्या उड़ान योजना के तहत झारखंड में क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने का आकलन किया गया है तथा पिछले पांच वर्षों में राज्य के हवाई अड्डों के विकास के लिए कितनी राशि स्वीकृत और खर्च की गई है।
इसके जवाब में नागरिक विमानन मंत्रालय ने राज्य में चल रही परियोजनाओं और उनके वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी सदन में प्रस्तुत की।
संशोधित उड़ान योजना से मिलेगा नया विस्तार
केंद्र सरकार ने 4 जुलाई 2026 को संशोधित RCS-UDAN योजना की शुरुआत की है। इस नई योजना के तहत अगले 10 वर्षों में 120 नए असेवित (Unserved) और अल्पसेवित (Underserved) गंतव्यों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का उद्देश्य लगभग 4 करोड़ यात्रियों को क्षेत्रीय हवाई यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके अलावा पर्वतीय, आकांक्षी जिलों और पूर्वोत्तर भारत में हेलीपैड तथा छोटे हवाई अड्डों के विकास को भी विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
झारखंड को मिल सकता है आर्थिक और पर्यटन लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य में क्षेत्रीय हवाई संपर्क मजबूत होने से उद्योग, व्यापार, पर्यटन, निवेश और रोजगार को नई गति मिलेगी। बोकारो, दुमका, हजारीबाग और डाल्टनगंज जैसे क्षेत्रों को भविष्य में बेहतर हवाई सुविधा मिलने से यात्रियों के साथ-साथ निवेशकों को भी लाभ होगा।
RCS-UDAN योजना के तहत झारखंड के छह हवाई अड्डों का चयन राज्य के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। जहां कुछ परियोजनाएं परिचालन में आ चुकी हैं और कुछ विकास के अंतिम चरण में हैं, वहीं शेष परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज होने पर झारखंड के कई हिस्सों को बेहतर हवाई संपर्क का लाभ मिल सकेगा। इससे राज्य के आर्थिक विकास, पर्यटन और निवेश को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है ।






