झारखंड शराब घोटाला: 6 अगस्त को तीन प्रमुख आरोपियों से पूछताछ करेगी ACB, जांच में आ सकता है नया मोड़
रांची: झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मामले में तीन प्रमुख आरोपियों को 6 अगस्त को पूछताछ के लिए तलब किया है। जांच एजेंसी ने तीनों को नोटिस जारी कर निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है। जिन लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है, उनमें अरुणपति त्रिपाठी, श्यामजी शरण और नेक्सजेन सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड (Nexgen Solution Pvt. Ltd.) के CEO अरुण कुमार सिंह शामिल हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि इनसे पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा हो सकता है।
अरुणपति त्रिपाठी से पूछताछ पर सबकी नजर
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पूछताछ अरुणपति त्रिपाठी की मानी जा रही है। वे छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के पूर्व प्रबंध निदेशक (Managing Director) और छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग में विशेष सचिव रह चुके हैं। ACB यह जानने का प्रयास करेगी कि झारखंड में शराब आपूर्ति और प्रबंधन से जुड़े निर्णयों में उनकी क्या भूमिका रही तथा विभिन्न कंपनियों और अधिकारियों के साथ उनके संपर्क किस प्रकार के थे।
श्यामजी शरण को भी फिर बुलाया गया
ACB ने श्यामजी शरण को भी पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। उन्हें इससे पहले भी जांच एजेंसी ने पूछताछ के लिए बुलाया था। इस बार एजेंसी पूर्व में दर्ज उनके बयानों का नए साक्ष्यों और अन्य आरोपियों के बयानों से मिलान करेगी।
नेक्सजेन के CEO से वित्तीय लेन-देन पर सवाल
Nexgen Solution Pvt. Ltd. के CEO अरुण कुमार सिंह से भी ACB विस्तृत पूछताछ करेगी। एजेंसी विशेष रूप से शराब कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन, विभिन्न कंपनियों एवं व्यक्तियों के साथ कारोबारी संबंध और अनुबंधों से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगी। सूत्रों के अनुसार, डिजिटल रिकॉर्ड और कारोबारी दस्तावेजों के आधार पर कई अहम सवाल तैयार किए गए हैं।
केवल बयान नहीं, साक्ष्यों का होगा मिलान
ACB के अनुसार, 6 अगस्त को होने वाली पूछताछ का उद्देश्य केवल आरोपियों के बयान दर्ज करना नहीं है। जांच एजेंसी निम्नलिखित पहलुओं पर भी फोकस करेगी—
- दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण।
- वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण।
- इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्यों की जांच।
- पहले दर्ज बयानों का आपसी मिलान।
- घटनाक्रम की वास्तविक श्रृंखला स्थापित करना।
जांच एजेंसी का उद्देश्य उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपियों के बयानों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ना है।

जांच में आ सकता है नया मोड़
जांच से जुड़े सूत्रों का मानना है कि यदि पूछताछ के दौरान दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की पुष्टि होती है, तो मामले में नए तथ्य सामने आ सकते हैं। इससे जांच की दिशा प्रभावित होने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, ACB ने अभी तक इस मामले में किसी नई कार्रवाई या अतिरिक्त गिरफ्तारी को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।
जांच जारी
झारखंड शराब घोटाले की जांच ACB द्वारा लगातार आगे बढ़ाई जा रही है। एजेंसी विभिन्न दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्यों और संबंधित व्यक्तियों के बयानों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। 6 अगस्त को होने वाली पूछताछ को इस जांच का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।






