राजपाल यादव के शाहजहांपुर वाले घर पर कुर्की का नोटिस, 34 दिन में ₹16 करोड़ का लोन नहीं चुकाया तो होगी नीलामी
पत्नी और मां के नाम पर लिया गया था करोड़ों का कर्ज, बैंक ने चस्पा किया कुर्की का नोटिस

नई दिल्ली/शाहजहांपुर: बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता और कॉमेडियन राजपाल यादव एक बार फिर कानूनी और आर्थिक विवादों को लेकर सुर्खियों में हैं। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर स्थित उनके पैतृक घर पर बैंक की ओर से कुर्की का नोटिस चस्पा किया गया है। बैंक ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 34 दिनों के भीतर करीब 16 करोड़ रुपये का बकाया ऋण नहीं चुकाया गया, तो संपत्ति की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस कार्रवाई के बाद राजपाल यादव की आर्थिक स्थिति और पुराने वित्तीय विवाद एक बार फिर चर्चा का विषय बन गए हैं। स्थानीय प्रशासन और बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में नोटिस चस्पा किए जाने की सूचना के बाद इलाके में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
पत्नी और मां के नाम पर लिया गया था लोन
बताया जा रहा है कि यह ऋण राजपाल यादव की पत्नी और उनकी मां के नाम पर लिया गया था। बैंक का दावा है कि लंबे समय से ऋण की किस्तों का भुगतान नहीं किया गया, जिसके कारण बकाया राशि लगातार बढ़ती गई। कई बार नोटिस और भुगतान के लिए समय दिए जाने के बावजूद राशि जमा नहीं होने पर बैंक ने अब कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है।बैंक के अनुसार निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा बकाया जमा नहीं किया गया तो संबंधित संपत्ति को जब्त कर उसकी नीलामी की जाएगी।

34 दिनों का दिया गया अंतिम अवसर
कुर्की नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि ऋणधारकों को 34 दिनों का अंतिम मौका दिया गया है। यदि इस अवधि में पूरा बकाया भुगतान नहीं होता, तो बैंक सरफेसी (SARFAESI) अधिनियम और अन्य प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई करेगा। इसके तहत संपत्ति का मूल्यांकन कर सार्वजनिक नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है, जिससे बैंक अपने बकाया ऋण की वसूली करेगा।
पहले भी विवादों में रह चुके हैं राजपाल यादव
यह पहला मौका नहीं है जब राजपाल यादव आर्थिक मामलों को लेकर चर्चा में आए हैं। इससे पहले भी वे कर्ज और वित्तीय लेन-देन से जुड़े मामलों में कानूनी विवादों का सामना कर चुके हैं। कुछ मामलों में उन्हें अदालत की कार्यवाही का भी सामना करना पड़ा था।
हालांकि, इस बार मामला सीधे उनके पैतृक घर तक पहुंच गया है, जिससे यह प्रकरण और अधिक चर्चित हो गया है।
इलाके में चर्चा का विषय बना मामला
शाहजहांपुर में स्थित राजपाल यादव के घर पर कुर्की का नोटिस लगने के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कई लोग इसे अभिनेता की आर्थिक परेशानियों से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि बैंक अपनी कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कर रहा है। नोटिस चस्पा होने के बाद बड़ी संख्या में लोग घर के बाहर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेते रहे।

बैंक ने अपनाई कानूनी प्रक्रिया
बैंक अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की जा रही है। ऋण खाते को लंबे समय पहले एनपीए (Non-Performing Asset) घोषित किए जाने के बाद कई बार भुगतान के लिए नोटिस जारी किए गए थे। बैंक का दावा है कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद ही कुर्की की कार्रवाई की गई है। यदि निर्धारित समय के भीतर भुगतान हो जाता है, तो आगे की कार्रवाई रोकी जा सकती है।

राजपाल यादव की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान
इस पूरे मामले पर अभी तक अभिनेता राजपाल यादव या उनके परिवार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि वे बैंक के साथ समझौते या बकाया राशि के भुगतान को लेकर कोई पहल करेंगे या नहीं। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या तय समय के भीतर ऋण का भुगतान किया जाएगा या फिर बैंक वास्तव में संपत्ति की नीलामी की प्रक्रिया शुरू करेगा।

आगे क्या होगा?
यदि बैंक द्वारा दिए गए 34 दिनों के भीतर बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता, तो अगले चरण में संपत्ति का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद सार्वजनिक नीलामी की तारीख घोषित कर संपत्ति को बेचकर बैंक अपनी बकाया राशि की वसूली करेगा। यह मामला अब केवल एक वित्तीय विवाद नहीं, बल्कि एक चर्चित फिल्म अभिनेता से जुड़ा होने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर रहा है।






