JSSC-CGL अनियमितता मामले में SIT की जांच तेज, 100 से अधिक सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ; 24 को फिर समन
Ranchi News: झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। परीक्षा में सफल होकर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले अभ्यर्थी अब जांच एजेंसी के रडार पर हैं। SIT अब तक करीब 100 सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ कर चुकी है। सोमवार को भी लगभग 20 अभ्यर्थियों से अलग-अलग बिंदुओं पर पूछताछ की गई। जांच के दौरान जिन अभ्यर्थियों की भूमिका या संपर्क संदिग्ध नजर आ रहे हैं, उनसे अलग-अलग चरणों में और अलग-अलग स्थानों पर पूछताछ की जा रही है। अब SIT ने 24 से अधिक सफल अभ्यर्थियों को दोबारा पूछताछ के लिए समन जारी किया है। जांच एजेंसी परीक्षा में कथित गड़बड़ी के पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों के बीच संपर्कों को खंगाल रही है।
सफल अभ्यर्थियों से फिर पूछताछ की तैयारी
जानकारी के अनुसार, SIT ने मंगलवार को 24 से अधिक सफल अभ्यर्थियों को पूछताछ के लिए दोबारा समन जारी किया है। इन अभ्यर्थियों से परीक्षा की तैयारी से लेकर चयन प्रक्रिया तक कई अहम सवाल पूछे जा रहे हैं। जांच एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि अभ्यर्थियों ने परीक्षा की तैयारी कहां और किसके संपर्क में रहकर की थी। इसके अलावा परीक्षा के दौरान उनकी गतिविधियां, परिणाम से पहले और बाद के संपर्क तथा चयन के बाद संदिग्ध लोगों से किसी तरह का संबंध था या नहीं, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। SIT यह भी पता लगाने में जुटी है कि सफल अभ्यर्थियों में से किसी को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र या परीक्षा से जुड़ी कोई गोपनीय जानकारी उपलब्ध हुई थी या नहीं। हालांकि, पूछताछ के आधार पर किसी अभ्यर्थी को दोषी मानने से पहले जांच एजेंसी साक्ष्यों और अन्य तथ्यों का सत्यापन कर रही है।
अभय तिवारी से लगातार पूछताछ
JSSC और JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच में अभय तिवारी को भी महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। SIT उससे लगातार पूछताछ कर रही है। सोमवार को भी जांच एजेंसी ने उससे कई बिंदुओं पर पूछताछ की। बताया गया है कि अभय तिवारी JSSC-CGL परीक्षा में सफल होकर सरकारी नौकरी हासिल कर चुका है। वह TDPL में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर भी कार्यरत था। जांच एजेंसी अब उसके परीक्षा से जुड़े संपर्कों, अभ्यर्थियों के साथ संबंध और कथित नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है। SIT यह जानने की कोशिश कर रही है कि अभय तिवारी के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और क्या इन संपर्कों का JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं से कोई संबंध था।
मिथिलेश सिंह के घर पहुंची SIT
जांच के दौरान अभय तिवारी के कथित गुरु के तौर पर सामने आए मिथिलेश सिंह भी SIT के रडार पर हैं। जांच टीम ने उनके घर पर दबिश देकर मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की। SIT अब अभय तिवारी और मिथिलेश सिंह के बीच संबंधों की भी जांच कर रही है। इसके साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दोनों के संपर्क में परीक्षा से जुड़े अन्य कौन-कौन लोग थे और क्या अभ्यर्थियों के साथ भी उनका कोई नेटवर्क था। जांच टीम को पूछताछ और तलाशी के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
अभय की पत्नी और भाई को भेजा गया जेल
इस मामले में गिरफ्तार अभय तिवारी की पत्नी सुषमा और भाई अक्षय से भी जांच एजेंसी ने पूछताछ की थी। पूछताछ पूरी होने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया है। जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि दोनों ने भी JSSC-CGL परीक्षा में सफलता हासिल कर सरकारी नौकरी प्राप्त की थी। SIT अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उनकी भूमिका क्या थी और क्या उनका भी परीक्षा से जुड़े किसी संदिग्ध नेटवर्क से संपर्क था।
जांच का दायरा और बढ़ने के संकेत
SIT की जांच अब केवल परीक्षा संचालन या कथित अनियमितताओं तक सीमित नहीं रह गई है। जांच एजेंसी सफल अभ्यर्थियों, संदिग्ध व्यक्तियों, कोचिंग संस्थानों और उनके बीच संपर्कों की पूरी कड़ी खंगाल रही है। करीब 100 सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ और दोबारा 24 से अधिक अभ्यर्थियों को समन जारी किए जाने से साफ है कि एजेंसी परीक्षा में कथित गड़बड़ी की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। पूछताछ, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आने वाले दिनों में और लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है। SIT यह पता लगाने में जुटी है कि JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितता के पीछे कोई संगठित नेटवर्क था या नहीं और यदि था तो उसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।



