OBC के लिए जातीय जनगणना में अलग कॉलम की मांग, कांग्रेस का राजभवन मार्च
दीपिका पांडेय सिंह बोलीं- सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए OBC की वास्तविक संख्या का आंकड़ा जरूरी
रांची: जातीय जनगणना में OBC समाज के लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस के OBC विभाग की ओर से बुधवार को मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से राजभवन तक पैदल मार्च किया गया। कांग्रेस की ओर से पहले से इस मार्च की घोषणा की गई थी और पार्टी ने इसे OBC समाज की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक भागीदारी से जुड़े मुद्दों के रूप में रखा था। मार्च में झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता बापू वाटिका से राजभवन की ओर रवाना हुए।
OBC के लिए अलग कॉलम की मांग
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आगामी जनगणना में OBC समाज की वास्तविक संख्या और उसकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति का स्पष्ट आंकड़ा सामने लाने के लिए अलग कॉलम की जरूरत है। पार्टी का यह भी कहना है कि प्रमाणिक आंकड़ों के आधार पर ही सामाजिक न्याय, शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं से जुड़ी नीतियों को बेहतर तरीके से तैयार किया जा सकता है। कांग्रेस के OBC विभाग की ओर से 16 सितंबर को रांची में मार्च और ‘OBC हुंकार’ कार्यक्रम की घोषणा पहले ही की गई थी। कार्यक्रम का उद्देश्य जनगणना प्रपत्र में OBC के लिए पृथक कॉलम की मांग को लेकर सरकार तक पार्टी का पक्ष पहुंचाना है।

दीपिका पांडेय सिंह ने क्या कहा?
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि जब देश में जनगणना की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, ऐसे समय में OBC समाज के लिए अलग कॉलम की मांग महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, OBC की आबादी और सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आकलन स्पष्ट आंकड़ों के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसंख्या के वास्तविक आंकड़े उपलब्ध होने पर नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से तैयार करने में मदद मिल सकती है। दीपिका पांडेय सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा जातीय जनगणना के मुद्दे को उठाए जाने का भी उल्लेख किया। कांग्रेस इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर अपने सामाजिक न्याय अभियान से जोड़ रही है। कांग्रेस की आधिकारिक वेबसाइट पर भी राहुल गांधी से संबंधित जातिगत जनगणना पर हालिया सामग्री प्रकाशित की गई है।
‘यह केवल कार्यक्रम नहीं, अभियान की शुरुआत’
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि OBC के लिए अलग कॉलम की मांग को लेकर आने वाले दिनों में भी कार्यक्रम, प्रदर्शन और जनसंवाद आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने इस पदयात्रा को अभियान की शुरुआत बताया। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि OBC समाज की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक भागीदारी से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी आगे भी अपनी मांग उठाती रहेगी।

SIR और जनगणना का भी किया जिक्र
मंत्री ने अपने संबोधन में SIR यानी Special Intensive Revision का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया और जनगणना जैसे बड़े प्रशासनिक अभ्यास चल रहे हैं, तब सामाजिक समूहों की पहचान और उनके आंकड़ों से जुड़े सवाल भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं। हालांकि, SIR मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया है, जबकि जनगणना एक अलग सांख्यिकीय प्रक्रिया है। दोनों प्रक्रियाओं का उद्देश्य और कानूनी ढांचा अलग है।
सरना धर्म कोड की मांग का भी उल्लेख
दीपिका पांडेय सिंह ने आदिवासी समाज की सरना धर्म कोड की मांग का भी जिक्र किया। उन्होंने OBC के लिए अलग कॉलम और सरना धर्म कोड को सामाजिक पहचान और अधिकारों से जुड़े विषयों के रूप में प्रस्तुत किया। कांग्रेस का कहना है कि जिन सामाजिक समूहों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को लेकर नीतियां तैयार की जानी हैं, उनके संबंध में विश्वसनीय आंकड़ों की उपलब्धता महत्वपूर्ण है।

कांग्रेस की आगे भी आंदोलन की तैयारी
झारखंड कांग्रेस OBC विभाग की ओर से पहले ही राज्य के विभिन्न जिलों से कार्यकर्ताओं और OBC समाज के प्रतिनिधियों को मार्च में शामिल होने की अपील की गई थी। पार्टी नेताओं ने कहा है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। फिलहाल कांग्रेस की मुख्य मांग है कि आगामी जातीय जनगणना में OBC के लिए स्पष्ट और अलग कॉलम उपलब्ध कराया जाए, ताकि समुदाय की आबादी और उससे जुड़े सामाजिक-आर्थिक आंकड़े अलग से दर्ज हो सकें। यह मांग अब झारखंड की राजनीति में भी एक प्रमुख सामाजिक-राजनीतिक मुद्दे के रूप में उठ रही है। केंद्र सरकार और संबंधित संस्थाओं की ओर से इस मांग पर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर आगे नजर रहेगी।
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