पतरातू में आसमानी बिजली का कहर: खेत में काम कर रहीं तीन महिलाओं की दर्दनाक मौत, दो गंभीर रूप से घायल; इलाके में शोक की लहर
सांकूल और पलानी गांव में अलग-अलग स्थानों पर हुआ हादसा।
बारिश और गर्जन के बीच खेत में काम करने के दौरान हुई घटना।
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम में सतर्क रहने की अपील की।
रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड में रविवार को तेज बारिश और गरज के साथ हुई वज्रपात की घटनाओं ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। अलग-अलग स्थानों पर खेत में काम कर रही तीन महिलाओं की बिजली गिरने से मौत हो गई, जबकि दो अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
खेत में काम के दौरान गिरी बिजली
जानकारी के अनुसार, पतरातू क्षेत्र में दोपहर के समय अचानक मौसम बदला और तेज बारिश के साथ गर्जन एवं वज्रपात शुरू हो गया। इसी दौरान सांकूल गांव में खेत में काम कर रही रेखा देवी और रोशनी कुमारी वज्रपात की चपेट में आ गईं। स्थानीय ग्रामीणों ने दोनों को तत्काल पतरातू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पलानी गांव में भी हुआ दर्दनाक हादसा
इसी बीच पलानी गांव में खेत में काम कर रही सुशांति देवी, सुनीता देवी और कंचन कुमारी भी वज्रपात की चपेट में आ गईं। घटना की सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस के माध्यम से तीनों को पतरातू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां डॉक्टरों ने सुशांति देवी को मृत घोषित कर दिया, जबकि सुनीता देवी और कंचन कुमारी का इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस ने शुरू की आवश्यक कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही पतरातू थाना प्रभारी शिवलाल कुमार गुप्ता पुलिस बल के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। पुलिस ने मृतकों के परिजनों से जानकारी लेने के बाद कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। तीनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए रामगढ़ सदर अस्पताल भेजे जाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

ग्रामीणों में दहशत, मौसम विभाग की सलाह का पालन जरूरी
लगातार हो रही बारिश और वज्रपात की घटनाओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में भय का माहौल है। विशेषज्ञों का कहना है कि गरज-चमक के दौरान खुले खेतों, पेड़ों और ऊंचे स्थानों पर काम करने से बचना चाहिए। मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर शरण लेना जीवन बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है।
झारखंड में बढ़ रहे वज्रपात के मामले
मानसून के दौरान झारखंड में हर वर्ष वज्रपात की घटनाओं में कई लोगों की जान जाती है। अधिकांश हादसे खेतों में काम करने, खुले स्थानों पर रहने या पेड़ों के नीचे खड़े होने के दौरान होते हैं। प्रशासन समय-समय पर लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और बिजली चमकने के दौरान सतर्क रहने की अपील करता है।

रामगढ़ के पतरातू में हुई यह दर्दनाक घटना एक बार फिर मानसून के दौरान वज्रपात के खतरे की गंभीरता को सामने लाती है। खेतों में काम करने वाले लोगों के लिए मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना और खराब मौसम में खुले स्थानों से दूर रहना बेहद जरूरी है। प्रशासन की ओर से भी लोगों से सतर्कता बरतने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं स्वास्थ्य सेवाओं से संपर्क करने की अपील की जा रही है।






