IT Raid on RKSC: तीन राज्यों में आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई, 200 करोड़ से ज्यादा के लेन-देन जांच के घेरे में
झारखंड की बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी RKSC पर IT का शिकंजा, 10 सहयोगी कंपनियां भी जांच के दायरे में
रांची: झारखंड की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में शामिल मेसर्स रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड (RKSC) और उसकी 10 सहयोगी कंपनियों पर आयकर विभाग (Income Tax Department) की अनुसंधान शाखा ने तीन दिनों तक व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया। झारखंड, बिहार और हरियाणा में एक साथ हुई इस कार्रवाई में विभाग ने बड़ी मात्रा में वित्तीय दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। शुरुआती जांच में कई वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद अब जब्त दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की गहन जांच की जा रही है।
रांची, बेगूसराय और गुरुग्राम में एक साथ हुई कार्रवाई
आयकर विभाग की टीमों ने रांची, बेगूसराय और गुरुग्राम स्थित कंपनी के कार्यालयों और अन्य परिसरों पर एक साथ छापेमारी की। जांच के दौरान वित्तीय रिकॉर्ड, बैंकिंग लेनदेन, आयकर संबंधी दस्तावेज, कंप्यूटर डेटा, हार्ड ड्राइव और अन्य डिजिटल उपकरणों की पड़ताल की गई। अधिकारियों ने कंपनी के कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों से भी पूछताछ कर कई अहम जानकारियां जुटाईं। हालांकि, आयकर विभाग ने अब तक इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
200 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जांच के घेरे में
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड में कई विसंगतियां सामने आई हैं। प्रारंभिक पड़ताल में यह संकेत मिले हैं कि कंपनी 200 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का संतोषजनक वैधानिक हिसाब प्रस्तुत नहीं कर सकी। अब आयकर विभाग इस राशि के स्रोत, लेन-देन और लेखा-जोखा की विस्तार से जांच कर रहा है। हालांकि, इन दावों की अभी विभाग की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
हवाला, फर्जी बिल और बेनामी संपत्तियों की भी जांच
जांच के दौरान अधिकारियों को कुछ डिजिटल चैट और दस्तावेज मिले हैं, जिनके आधार पर कथित हवाला लेन-देन, फर्जी बिलों के जरिए टैक्स चोरी और अघोषित संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। करोड़ों रुपये की कथित बेनामी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी जांच एजेंसियों के हाथ लगे हैं। जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की तकनीकी जांच के लिए दिल्ली और कोलकाता से फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को भी जोड़ा गया है।
10 सहयोगी कंपनियां भी आयकर विभाग के रडार पर
आयकर विभाग की कार्रवाई केवल रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन तक सीमित नहीं रही। जांच के दायरे में समूह की 10 सहयोगी कंपनियां भी शामिल हैं। इनमें आयुष श्रेयस प्रॉपर्टी प्राइवेट लिमिटेड (ASPPL), RKSCPL इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड (RIPL), RKSCPL प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड (RPPL) समेत अन्य इकाइयों के वित्तीय लेन-देन और कर अनुपालन की भी जांच की जा रही है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि कहीं इन कंपनियों के माध्यम से टैक्स चोरी या अघोषित संपत्तियों का नेटवर्क तो नहीं बनाया गया।
200 से अधिक अधिकारियों ने चलाया सर्च ऑपरेशन
आयकर विभाग ने रांची के कचहरी रोड स्थित पंचवटी प्लाजा में कंपनी के क्षेत्रीय कार्यालय, बिहार के बेगूसराय के कृष्णा नगर स्थित मुख्य कार्यालय और हरियाणा के गुरुग्राम के सेक्टर-54 स्थित सनसिटी शॉपिंग आर्केड में कॉर्पोरेट कार्यालय समेत पांच प्रमुख ठिकानों पर कार्रवाई की। इस अभियान में 200 से अधिक आयकर अधिकारी और सुरक्षा बल के जवान शामिल रहे। सूत्रों के मुताबिक कंपनी से जुड़े करीब एक दर्जन छोटे ठेकेदारों के भुगतान, अनुबंध और वित्तीय दस्तावेजों की भी जांच की गई, ताकि पूरे वित्तीय नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर सामने आ सके।

देशभर की बड़ी परियोजनाओं में सक्रिय है RKSC
रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन समूह झारखंड, बिहार सहित देश के कई राज्यों में राष्ट्रीय राजमार्ग, पुल, स्टेडियम, आवासीय भवन, खनन और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं का निर्माण करता है। सरकारी और निजी क्षेत्र की कई बड़ी परियोजनाओं में कंपनी की महत्वपूर्ण भागीदारी रही है। इसी कारण आयकर विभाग कंपनी के वित्तीय लेन-देन और कर अनुपालन से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर रहा है।
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल तीन दिनों तक चली कार्रवाई में जब्त दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। आयकर विभाग का कहना है कि सभी तथ्यों के सत्यापन और जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कर चोरी, वित्तीय अनियमितता या अन्य नियमों के उल्लंघन से जुड़े कितने और किस प्रकार के प्रमाण सामने आते हैं। कारोबारी जगत की नजर अब इस हाई-प्रोफाइल जांच के अंतिम निष्कर्ष पर टिकी हुई है।






