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झारखंड में अब एक कॉल पर 4 घंटे में मिलेगा ब्लड, सरकार ने शुरू की नई पहल

Blood in 4 hours in Jharkhand

स्वास्थ्य विभाग और एमएस साइंस कंपनी के बीच हुआ एमओयू, रांची में बनेगा कमांड सेंटर

90 दिनों में व्यवस्था शुरू करने का लक्ष्य

रांची: झारखंड में जरूरतमंद मरीजों को अब ब्लड के लिए ज्यादा परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। राज्य में ऐसी व्यवस्था शुरू करने की तैयारी है, जिसके तहत मरीज या उनके परिजन एक कॉल के जरिए चार घंटे के भीतर ब्लड उपलब्ध करा सकेंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और एमएस साइंस कंपनी के बीच बुधवार को समझौता ज्ञापन (MoU) हुआ है। नई व्यवस्था को अगले 90 दिनों के भीतर शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए राजधानी रांची में एक विशेष कमांड सेंटर बनाया जाएगा। मरीजों की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा।

एक कॉल पर शुरू होगी पूरी प्रक्रिया
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत जरूरतमंद मरीज या उनके परिजन टोल फ्री नंबर पर कॉल कर ब्लड की आवश्यकता की जानकारी दे सकेंगे। कॉल मिलने के बाद ब्लड की उपलब्धता से लेकर अस्पताल तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया एजेंसी की जिम्मेदारी होगी।
एजेंसी के जिम्मे मुख्य रूप से—

  • ब्लड कलेक्शन
  • ब्लड की जांच
  • सुरक्षित स्टोरेज
  • जरूरत के अनुसार ब्लड की उपलब्धता
  • अस्पताल तक ब्लड पहुंचाना जैसी जिम्मेदारियां रहेंगी।

सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे ब्लड की जरूरत पड़ने पर मरीजों के परिजनों को अलग-अलग जगहों पर भटकना न पड़े और निर्धारित समय के भीतर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराया जा सके।

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स्वास्थ्य मंत्री बोले- बिना जांच के नहीं दिया जाए ब्लड
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि नई व्यवस्था से मरीजों को समय पर और सुरक्षित ब्लड उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिना जांच किए किसी मरीज को ब्लड नहीं दिया जाना चाहिए।स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक सरकार का लक्ष्य केवल ब्लड की उपलब्धता बढ़ाना नहीं, बल्कि मरीजों को सुरक्षित और समय पर रक्त उपलब्ध कराना है।

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ग्रामीण इलाकों में भी बढ़ाया जाएगा ब्लड कलेक्शन
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि ब्लड कलेक्शन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा NCC, NSS, पुलिस बल और निजी रक्तदान शिविरों के माध्यम से भी रक्त संग्रह करने की योजना है। इसके लिए लोगों को नियमित रूप से रक्तदान के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि जरूरत के समय ब्लड की उपलब्धता बनी रहे।

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एजेंसी खुद आयोजित करेगी रक्तदान शिविर
NHM अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि संबंधित एजेंसी अपने स्तर से रक्तदान शिविरों का आयोजन करेगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एजेंसी को आवश्यक तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, मानव संसाधन और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी एजेंसी की होगी। कंपनी को उसके द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रति यूनिट ब्लड के आधार पर भुगतान किया जाएगा।

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सरकारी और निजी अस्पतालों में बढ़ेगी उपलब्धता
नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य राज्य के सरकारी और निजी अस्पतालों में ब्लड की उपलब्धता को बेहतर करना है। खासकर ऐसे समय में जब किसी मरीज को अचानक रक्त की जरूरत पड़ती है, तब उसके परिजनों को ब्लड बैंक और अस्पतालों के चक्कर लगाने की स्थिति से राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार की योजना के मुताबिक कमांड सेंटर, टोल फ्री नंबर, ब्लड कलेक्शन और लॉजिस्टिक व्यवस्था को एक साथ जोड़कर ब्लड की मांग से लेकर अस्पताल तक आपूर्ति की पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जाएगा। अगर निर्धारित समय के अनुसार यह व्यवस्था शुरू होती है, तो आपात स्थिति में मरीजों के लिए ब्लड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिल सकती है।

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