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NEET री-एग्जाम से पहले Telegram पर बैन की खबर से मचा हड़कंप, जानिए क्या है पूरा मामला

NEET Telegram Ban

सोशल मीडिया पर वायरल दावों ने बढ़ाई छात्रों की चिंता, परीक्षा सुरक्षा को लेकर सरकार अलर्ट

नई दिल्ली: NEET UG री-एग्जाम को लेकर सोशल मीडिया पर इन दिनों कई तरह के दावे और खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा उस खबर की हो रही है, जिसमें कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार ने परीक्षा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत में Telegram के इस्तेमाल पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। यह दावा सामने आते ही लाखों छात्रों और अभिभावकों के बीच चर्चा तेज हो गई। परीक्षा से जुड़ी अफवाहों, कथित पेपर लीक और फर्जी संदेशों के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

परीक्षा सुरक्षा को लेकर बढ़ी सख्ती
NEET UG परीक्षा को लेकर पिछले कुछ वर्षों में पेपर लीक और फर्जी दावों की घटनाओं ने चिंता बढ़ाई है। इसी वजह से परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियां और सरकारी संस्थान परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने पर लगातार जोर दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अक्सर पेपर लीक, प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने या परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी देने के नाम पर छात्रों को गुमराह किया जाता है। कई मामलों में साइबर ठग अभ्यर्थियों से पैसे भी वसूलते हैं।

फर्जी दावों से रहें सावधान
परीक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि छात्र किसी भी वायरल मैसेज, स्क्रीनशॉट या सोशल मीडिया पोस्ट पर आंख बंद कर भरोसा न करें। परीक्षा से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों और संबंधित एजेंसियों की वेबसाइट पर ही भरोसा करें। NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में अफवाहें फैलाने वाले गिरोह अक्सर छात्रों की चिंता का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

छात्रों के लिए क्या है सलाह?

  • केवल आधिकारिक वेबसाइट और नोटिस पर भरोसा करें।
  • सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी “पेपर लीक” दावे से सावधान रहें।
  • किसी अनजान व्यक्ति को पैसे या निजी जानकारी न दें।
  • परीक्षा तैयारी पर फोकस रखें और अफवाहों से दूर रहें।
  • किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।
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परीक्षा की निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता
सरकार और परीक्षा एजेंसियों का कहना है कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की गड़बड़ी या अफवाह को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

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