JPSC जांच में बड़ा मोड़: CID ने आयोग के तीन सदस्यों को भेजा समन, सोमवार से होगी पूछताछ
पूर्व अध्यक्ष एल.बी. खियांग्ते से पूछताछ के बाद अब सदस्यों से होगी आमने-सामने की पड़ताल, अनियमितताओं की जांच तेज

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिख रही है। मामले की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने अब JPSC के तीन वर्तमान सदस्यों को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। समन प्राप्त करने वालों में डॉ. अजिता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद शामिल हैं। जानकारी के अनुसार CID इन तीनों सदस्यों से सोमवार से पूछताछ शुरू करेगी।
पूर्व अध्यक्ष से पूछताछ के बाद बढ़ा जांच का दायरा
सूत्रों के मुताबिक CID ने यह कदम JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल.बी. खियांग्ते से लगातार हुई पूछताछ के बाद उठाया है। जांच के दौरान पूर्व अध्यक्ष से मिली जानकारियों और दस्तावेजों का सत्यापन अब आयोग के सदस्यों से पूछताछ के जरिए किया जाएगा। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि परीक्षा प्रक्रिया, परिणाम तैयार करने और आयोग के विभिन्न प्रशासनिक निर्णयों में सदस्यों की क्या भूमिका रही और क्या कथित अनियमितताओं से जुड़े तथ्यों की पुष्टि होती है।

2021 में हुई थी नियुक्ति
गौरतलब है कि 2 सितंबर 2021 को राज्य सरकार ने डॉ. अजिता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद को JPSC का सदस्य नियुक्त किया था। अब परीक्षा अनियमितता मामले की जांच के दौरान तीनों को पहली बार औपचारिक रूप से पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचना चाहती है CID
सूत्रों का कहना है कि CID केवल बयान दर्ज करने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि पूर्व अध्यक्ष से मिली जानकारियों, दस्तावेजों और अन्य आरोपियों के बयानों का मिलान कर पूरे मामले की सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। जांच एजेंसी परीक्षा संचालन, निर्णय प्रक्रिया और आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि कथित अनियमितताओं के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
पहले ही कई गिरफ्तारियां कर चुकी है CID
JPSC परीक्षा अनियमितता मामले में CID इससे पहले कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। परीक्षा संचालन से जुड़े लोगों, कथित बिचौलियों और अन्य संदिग्धों से लगातार पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा परीक्षा से जुड़े वित्तीय लेन-देन, OMR शीट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच जारी है। अब आयोग के सदस्यों से होने वाली पूछताछ को जांच का अहम चरण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे जांच को नई दिशा मिल सकती है। हालांकि, CID की ओर से अभी तक इस समन और पूछताछ को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।





