JPSC-JSSC छात्र आंदोलन: सरकार से वार्ता के लिए संशोधित प्रतिनिधिमंडल घोषित, पत्रकार और वकील बाहर

रांची: JPSC-JSSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों ने सरकार के साथ प्रस्तावित वार्ता के लिए अपना संशोधित प्रतिनिधिमंडल घोषित कर दिया है। नई सूची के अनुसार अब केवल छात्र प्रतिनिधि ही सरकार द्वारा गठित मंत्रिस्तरीय कमेटी से बातचीत करेंगे। पहले जारी सूची में शामिल पूर्व महाधिवक्ता और पत्रकारों के नाम हटा दिए गए हैं।
ये छात्र होंगे प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा
संशोधित सूची के अनुसार सरकार के साथ वार्ता के लिए प्रतिनिधिमंडल में रवीन्द्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार शामिल होंगे। यह प्रतिनिधिमंडल सरकार के सामने आंदोलनकारी छात्रों की मांगों और आपत्तियों को रखेगा।

वकील और पत्रकारों के नाम हटाए गए
इससे पहले जारी सूची में झारखंड के पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार के अलावा दो पत्रकारों के नाम भी शामिल थे। हालांकि संशोधित सूची में इन तीनों के नाम हटा दिए गए हैं। छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे बिना किसी पत्रकार और कानूनविद के सरकार के साथ वार्ता करने के लिए तैयार हैं। अब बातचीत पूरी तरह छात्र प्रतिनिधियों के माध्यम से ही होगी।
प्रतिनिधिमंडल में हुआ बदलाव
नई सूची में छात्र प्रतिनिधियों के नामों में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। पहले जारी सूची में आठ छात्र प्रतिनिधि शामिल थे, जबकि संशोधित सूची में एक और छात्र को जोड़ते हुए प्रतिनिधिमंडल का विस्तार किया गया है। अब वार्ता में छात्रों की ओर से अधिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है।
सरकार की कमेटी से होगी बातचीत
गौरतलब है कि आंदोलनरत छात्रों से बातचीत के लिए राज्य सरकार ने चार मंत्रियों की एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की है। इस कमेटी में सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, चमरा लिंडा और संजय प्रसाद यादव शामिल हैं। समिति के साथ समन्वय के लिए वरिष्ठ अधिकारी को भी नामित किया गया है। अब संशोधित प्रतिनिधिमंडल सामने आने के बाद सरकार और छात्रों के बीच औपचारिक वार्ता का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है। दोनों पक्षों के बीच बैठक की तारीख और समय तय होने का इंतजार है।





